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अभिषेक बनर्जी को बड़ी राहत, कलकत्ता हाई कोर्ट ने ऑफिस पर बुलडोजर एक्शन को रोका

Abhishek Banerjee Office: कलकत्ता हाईकोर्ट ने टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के आमतला स्थित पार्टी कार्यालय पर चल रहे बुलडोजर एक्शन पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है।
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Abhishek Banerjee office demolition

अभीषेक बनर्जी के पार्टी दफ्तर पर बुल्डोजर एक्शन (ANI)

Abhishek Banerjee office demolition: पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर से सांसद और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को कोर्ट से बड़ी अंतरिम राहत मिली है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में स्थित अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र कार्यालय को गिराने की चल रही कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाने का आदेश दिया है। यह रोक अगले आदेश तक लागू रहेगी।

मामले की आपातकालीन स्थिति को देखते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने रविवार (19 जुलाई, 2026) को एक विशेष सुनवाई की। जस्टिस राजा बसु चौधरी की अध्यक्षता वाली विशेष बेंच ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत तोड़-फोड़ रोकने का निर्देश दिया। यह अंतरिम रोक आदेश तब तक प्रभावी रहेगा जब तक कि नियमित बेंच द्वारा मामले की सुनवाई नहीं हो जाती या जुलाई 2026 के अंत तक, जो भी पहले हो।

कोर्ट ने कहा- सुनवाई का उचित अवसर नहीं मिला

यह याचिका 'लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा दायर की गई थी, जो विवादित पांच मंजिला इमारत की मालिक है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता किशोर दत्ता ने तर्क दिया कि प्रशासन ने बिना किसी सूचना के शनिवार सुबह अचानक तोड़फोड़ का काम शुरू कर दिया। कोर्ट ने माना कि बिल्डिंग मालिकों को जिला परिषद या प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया था। इसी आधार पर कोर्ट ने तोड़-फोड़ पर रोक लगाई।

सामान लौटाने की याचिका खारिज

अभिषेक बनर्जी और TMC समर्थकों ने आरोप लगाया था कि तोड़-फोड़ के दौरान ऑफिस के ताले तोड़े गए और पुलिस की मौजूदगी में कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, ज़रूरी फ़ाइलें और फर्नीचर जैसी कई चीजें लूट ली गईं। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से अनुरोध किया था कि हटाई गई चीजों को तुरंत वापस करने का आदेश दिया जाए। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया, लेकिन प्रशासन से सभी चीजों की सूची जरूर मांगी।

अवैध निर्माण के आरोप पर एक्शन

अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए ज़िला प्रशासन ने शनिवार दोपहर (18 जुलाई) को तीन बुलडोजर का इस्तेमाल करके अमतला-बारुईपुर रोड पर स्थित इस पांच मंजिला ऑफिस बिल्डिंग को गिराना शुरू कर दिया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में यह गिराने का काम रविवार सुबह तक चलता रहा।

प्रशासन का दावा है कि पूरी इमारत बिना किसी वैध कागजात या सरकारी मंजूरी के बनाई गई थी। इससे पहले, प्रशासन ने बिल्डिंग पर एक नोटिस चस्पा किया था, जिसमें संबंधित पक्ष से निर्माण से जुड़े वैध कागजात दिखाने को कहा गया था। हालांकि, न तो अभिषेक बनर्जी और न ही उनकी टीम कोई संतोषजनक जवाब या जरूरी रिकॉर्ड दे पाई। इसके बाद ही शनिवार को इमारत को ढहाने की कार्रवाई शुरू की गई।

चुनाव परिणाम के बाद से बंद था ऑफिस

यह ऑफ़िस डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सभी अहम संगठनात्मक बैठकों और रणनीतिक योजना सत्रों का केंद्र रहा है। हालांकि, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से ही यह ऑफ़िस बंद था।

TMC ने तोड़-फोड़ की इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना और पार्टी को निशाना बनाने की साजिश बताया है। TMC समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई जानबूझकर वीकेंड (शनिवार-रविवार) पर की गई ताकि पार्टी को अदालत से तुरंत राहत न मिल सके। हालांकि, हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए रविवार को ही एक विशेष बेंच बुलाई और बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी।