
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फाइल फोटो : ANI)
China missile test:चीन और अमेरिका के बीच मिसाइल परीक्षण को लेकर तनाव की स्थिति बनती हुई दिख रही है। चीन ने हालिया दिनों में दक्षिणी प्रशांत महासागर से सबमरीन से इंटरकॉन्टिनेंटल-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल किया था। अमेरिका ने चीन के इस परीक्षण पर चिंता जताई। अमेरिका ने कहा कि बीजिंग का बढ़ता परमाणु हथिया, परमाणु प्रसार को रोकरने की दुनिया भर की कोशिशों के खिलाफ है।
अमेरिकी अधिकारी टॉमी पिगॉट ने कहा कि चीन के एक सबमरीन से बिना हथियार वाली इंटरकॉन्टिनेंटल-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च करने पर अमेरिका की नजर थी, जो दक्षिणी प्रशांत महासागर में गिरी। पिगॉट ने कहा कि ऐसे समय में जब अमेरिका परमाणु प्रसार को रोकने के लिए पहले से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहा है। जबकि, चीन इसका ठीक उल्टा कर रहा है।
टॉमी पिगॉट ने कहा कि बीजिंग हथियार नियंत्रण पर औपचारिक बातचीत करे और लंबी दूरी की मिसाइल लॉन्च के बारे में पारदर्शिता बढ़ाए। अमेरिका ने हिंद-प्रशांत में अपने सुरक्षा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि की। बयान में आगे कहा गया कि अमेरिका अपने साथियों और साझेदारों के प्रति अपने रक्षा प्रतिबद्धताओं पर अडिग है। हम चीन से लगातार अपील करते हैं कि वह काम की हथियार नियंत्रण बातचीत में शामिल हो और सभी इंटरकॉन्टिनेंटल-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल और स्पेस लॉन्च के लिए एक रेगुलर नोटिफिकेशन अरेंजमेंट के लिए कमिट करे, जैसा कि बाकी सभी पी5 सदस्यों ने किया है।
अमेरिका का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चीन ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि उसने पनडुब्बी से प्रशांत महासागर की ओर एक बिना हथियार वाला लंबी दूरी का बैलिस्टिक मिसाइल दागा, जिसमें डमी (नकली) वारहेड लगाया गया था।
चीनी अधिकारियों के अनुसार, संबंधित देशों को पहले से सूचना देने के बाद मिसाइल निर्धारित क्षेत्र में जाकर गिरी। यह प्रक्षेपण चीन की समुद्र-आधारित रणनीतिक मिसाइल क्षमता के सार्वजनिक प्रदर्शन का एक दुर्लभ उदाहरण माना जा रहा है। न्यूजीलैंड ने इस लॉन्च को अच्छी और चिंता की बात नहीं बताया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने इसे इलाके को अस्थिर करने वाला कहा। जापान ने भी चीन की सैन्य गतिविधियों के बढ़ने पर चिंता जताई।
Updated on:
07 Jul 2026 12:43 pm
Published on:
07 Jul 2026 12:38 pm
