देश के साथ-साथ राज्य सरकारें भी खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में अब उत्तराखंड सरकार भी अहम कदम उठाने जा रही है। इसके तहत रूरल इलाकों में मिनी स्टेडिमय बनाने की तैयारी की जा रही है। इससे ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों को तैयारी का मौका मिलेगा।
खेलों को अब शिक्षा का अहम हिस्सा माने जाने लगा है। यही वजह है कि केंद्र से लेकर राज्य सरकारें खेलों को बढ़ावा देने के लिए अपने-अपने स्तर पर जरूरी कदम उठा रही हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड में भी एक बड़ा और अहम कदम उठाया जा रहा है। दरअसल उत्तराखंड के हर गांव में मिनी स्टेडियम बनाया जाएगा। इस बात की जानकारी खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी। सीएम धामी ने बताया कि, हर गांव में ‘ओपन जिम’ स्थापित करने के लिए 'स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड' नाम की योजना शुरू करने के बाद अब हर गांव में ‘मिनी स्टेडियम’ बनाने पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून के पास कालसी क्षेत्र में पजिटीलानी में ‘मिनी स्टेडियम’ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों के विकास पर ध्यान देगी। ताकि छोटे से स्तर रीयल टैलेंट को निखारकर उन्हें स्टेट, नेशनल और फिर इंटरनेशनल लेवल पहुंच बढ़ाने में मदद मिले।
सीएम धामी ने कहा कि, प्रदेश के हर गांव में ‘मिनी स्टेडियम’ बनाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि, मौजूदा संसाधनों के साथ ही उत्तराखंड में सभी विकास कार्य पूर्ण किए जाएंगे।
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उनकी सरकार ने हर गांव में एक ‘ओपन जिम’ बनाने के लिए 'स्वस्थ युवा, स्वस्थ उत्तराखंड' नाम से एक योजना शुरू की जा चुकी है। इससके तहत कई स्थानों पर आवश्यक धनराशि भी जारी कर दी गई है।
टैलेंट को निखारने में मिलेगी मदद
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि, सरकार की ओर से घोषित नई खेल नीति में यह व्यवस्था की गई है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को संसाधन की कमी न हो और वह अपनी प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ें। ऐसे मे मिनी स्टेडियम जैसी सुविधा भी उनकी प्रतिभा को निखारने में काफी मददगार साबित होगी।
सीएम ने कहा कि प्रदेश में टैलेंट की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत उन्हें सही प्लेटफॉर्म दिए जाने की, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है।
जीवन में खेल के महत्व को समझाते हुए सीएम ने कहा कि, इससे जीवन की उदासी और नीरसता को दूर होती है। बचपन से ही खेलों में रुचि बढ़े तो ये जीवनभर काम आती है।
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