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कांग्रेस आलाकमान का बड़ा फैसला: संजय दत्त को हरियाणा, लालजी देसाई को ओडिशा और राजेंद्र पाल गौतम को मिली यूपी की कमान

कांग्रेस ने तुरंत प्रभाव से नए AICC राज्य प्रभारी नियुक्त किए हैं। संजय दत्त को हरियाणा, लालजी देसाई को ओडिशा और राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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भारत

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Shaitan Prajapat

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Updated: 26 Jun 2026, 9:50 PM IST

Rajendra Pal Gautam Lalji Desai

राजेंद्र पाल गौतम और लालजी देसाई

Congress Appoints New AICC State Incharges: कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी नेतृत्व द्वारा घोषित एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक फेरबदल में वरिष्ठ नेता संजय दत्त को हरियाणा के लिए एआईसीसी का नया प्रभारी नियुक्त किया। संजय दत्त को बीके हरिप्रसाद के स्थान पर नियुक्त किया गया है। संजय दत्त भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के सचिव के रूप में कार्यरत हैं।

ओडिशा और यूपी में भी किया गया फेरबदल

इसी प्रक्रिया के तहत, पार्टी ने अजय कुमार लल्लू की जगह लालजी देसाई को ओडिशा के लिए एआईसीसी प्रभारी और राजेंद्र पाल गौतम को तत्काल प्रभाव से उत्तर प्रदेश के लिए नया प्रभारी नामित किया। एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में इन नियुक्तियों की घोषणा की गई। इसमें कहा गया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इन परिवर्तनों को मंजूरी दे दी है।

पार्टी ने निवर्तमान प्रभारी हरिप्रसाद, लल्लू और अजय राय को उनके पदों से मुक्त कर दिया और संगठन में उनके योगदान की सराहना की।

हरियाणा में क्यों किया गया बदलाव

हरियाणा में हुई यह नियुक्ति महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस राज्य में अपने बेहतर प्रदर्शन को और मजबूत करना चाहती है और भाजपा के खिलाफ भविष्य के चुनावी मुकाबलों के लिए अपनी तैयारियों को और बेहतर बनाना चाहती है। हाल के वर्षों में पार्टी राज्य में एक मजबूत विपक्षी ताकत के रूप में उभरी है और हरियाणा को उन कुछ उत्तरी राज्यों में से एक मानती है जहां उसे सत्ता में वापसी की वास्तविक संभावनाएं नजर आती हैं।

खोई हुई जमीन फिर से हासिल करने के लिए संघर्ष

ओडिशा और उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों को कांग्रेस द्वारा अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और उन राज्यों में अपनी राजनीतिक किस्मत को पुनर्जीवित करने के निरंतर प्रयासों के हिस्से के रूप में भी देखा जा रहा है जहां उसे खोई हुई जमीन को फिर से हासिल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा है।

आपको बता दें कि यूपी में एआईसीसी के नए प्रभारी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पार्टी ने अयोध्या राम मंदिर के चंदे में कथित गड़बड़ी और श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट से संबंधित मामलों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं को उजागर किया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस योगी सरकार से जवाब मांग रही है।