30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Constitution Day: पीएम मोदी ने कांग्रेस को घेरा, बोले- पारिववारिक पार्टियां देश के लिए चिंता का विषय

Constitution Day के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, भारत एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहाहै, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वो है पारिवारिक पार्टियां।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Dheeraj Sharma

•

Updated: 26 Nov 2021, 1:14 PM IST

PM Modi Addressed to MPs on Constitution Day

नई दिल्ली। संविधान दिवस (Constitution Day) के मौके पर संसद के सेंट्रल हॉल में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का दिवस बाबासाहेब अम्बेडकर, डॉ राजेन्द्र प्रसाद जैसे दुरंदेशी महानुभावों का नमन करने का है। आज का दिवस इस सदन को प्रणाम करने का है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कांग्रेस को भी जमकर घेरा, उन्होंने कहा कि पारिवारिक पार्टियां देश के लिए चिंता विषय है। पारिवारवाद के चलते देश हित पीछे छूट जाता है। उन्होंने कहा हमारा संविधान ये सिर्फ अनेक धाराओं का संग्रह नहीं है, हमारा संविधान सहस्त्रों वर्ष की महान परंपरा, अखंड धारा उस धारा की आधुनिक अभिव्यक्ति है।

यह भी पढ़ेंः 26/11 Mumbai Terror Attack: हमले के आकाओं को बचा रहा पाकिस्तान, 13 साल बाद भी न्याय दिलाने में नहीं दिखाई ईमानदारी

प्रधानमंत्री मोदी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि, भारत एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहाहै, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वो है पारिवारिक पार्टियां।

पीएम ने कहा योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग जाएं, इससे पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है लेकिन एक पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति में है।

पीएम मोदी ने ये भी कहा कि अच्छा होता कि आजादी के बाद ही 26 नवंबर को हर बार संविधान दिवस मनाया जाता। इससे ये पता चल सकता कि संविधान कैसे बनाया गया?

यह भी पढ़ेंः Coronavirus In India: नए वेरिएंट ने बढ़ाई चिंता, केंद्र का राज्यों को निर्देश, यात्रियों की टेस्टिंग और स्क्रीनिंग पर दें जोर

तब भी हुआ था विरोध
प्रधानमंत्री ने कहा, बाबासाहेब अम्बेडकर की 125वीं जयंती थी, हम सबको लगा इससे बड़ा पवित्र अवसर क्या हो सकता है। लेकिन इस दिन का भी विरोध हुआ। दरअसल जब सदन में इस विषय पर 'मैं 2015 में बोल रहा था, तो उस दिन भी विरोध हुआ। कहा गया कि 26 नवंबर कहां से ले आए, क्यों कर रहे हो? क्या जरूरत थी?

मूल्यांकन के लिए इस दिन को जरूर मनाएं
पीएम ने कहा कि इस संविधान दिवस को इसलिए भी मनाना चाहिए, क्योंकि हमारा जो रास्ता है, वह सही है या नहीं है, इसका मूल्यांकन करने के लिए मनाना चाहिए।

26/11 में शहीदों को नमन

पीएम मोदी ने 26/11 में जान गंवाने वाले वीर जवानों को भी नमन किया। उन्होंने कहा 26/11 हमारे लिए एक ऐसा दुखद दिवस है, जब देश के दुश्मनों ने देश के भीतर आकर मुंबई में आतंकवादी घटना को अंजाम दिया।
इस हमले में देश के वीर जवानों ने आतंकवादियों से लोहा लेते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। उन बलिदानियों को भी नमन करता हूं।