दक्षिण अफ्रीका स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फार कम्युनिकेबल डिजीज और क्वाजुलु नटाल रिसर्च इनोवेशन एंड सीक्वेंसिंग प्लेटफार्म के वैज्ञानिकों ने कहा है कि कोरोना वायरस के इस नए वेरिएंट C.1.2 का सबसे पहले इसी साल मई में पता चला था। तब से लेकर अब तक (13 अगस्त) इस वेरिएंट से संक्रमित मरीजों की पहचान चीन, कांगो, मारीशस, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल और स्विट्जरलैंड में हो चुकी है।