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हिमाचल में भारी बारिश से हाहाकार! भूस्खलन और बाढ़ से 23 की मौत, 320 सड़कें ठप्प

हिमाचल प्रदेश में भारी मानसूनी बारिश ने बाढ़, भूस्खलन और मकान ढहने की वजह से आम जनजीवन प्रभावित किया है। बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई। राज्य में करीब 322 सड़कें अभी भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।

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Himachal landslides and floods

Himachal landslides and floods

हिमाचल प्रदेश में आसमानी आफत से हाहाकार मचा हुआ है। प्रदेश में बीते चार दिनों से भारी बारिश हो रही है। इस दौरान जान और माल दोनों को भारी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण लगभग 330 सड़कें बंद हो जाने से सामान्य जनजीवन काफी प्रभावित हुआ। अचानक बाढ़, भूस्खलन और घर ढह से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग लापता है जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है।

25 तक भारी बारिश की चेतावनी
इस बीच, मौसम विज्ञान केंद्र, शिमला ने 23 से 25 अगस्त तक राज्य के मध्य और निचले हिस्सों में भारी बारिश और गरज के साथ बारिश की चेतावनी दी है। इसने कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की मध्यम चेतावनी भी जारी की है। अगले 24 घंटों में शिमला, सोलंग और सिरमौर जिले में भारी बारिश होने की संभावना है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

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3 दिन में 207 करोड़ का नुकसान
बीते तीन दिन में 207 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान हुआ है। वहीं पूरे मानसून सीजन की बता करें तक अब तक 1337 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान हुआ है। लोक निर्माण विभाग को 700 करोड़ और जल शक्ति विभाग को 602 करोड़ की चपत लगी है। वहीं बिजली बोर्ड की 2.54 करोड रुपए की संपत्ति तबाह हुई है।


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322 सड़कें अवरुद्ध
बारिश थमने के बाद सोमवार को 72 मकान, 27 दुकानें और 74 गोशालाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। 145 बिजली ट्रांसफार्मर और 86 पेयजल योजनाएं भी बंद रहीं। कुल्लू में 40, चंबा में 33, मंडी में 25 और कांगड़ा-सोलन में तीन-तीन सड़कों पर आवाजाही बंद रही, मंडी में 73, चंबा में 63 और कुल्लू में नौ बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। राज्य में करीब 322 सड़कें अभी भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।