
सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके। (फोटो- IANS)
दिल्ली में जंतर मंतर और संसद भवन के पास भारी विरोध प्रदर्शन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना भूख हड़ताल खत्म करने का फैसला टाल दिया है।
23 दिन से बिना कुछ खाए-पीए बैठे सोनम की हालत नाजुक हो चुकी है, लेकिन वो पीछे हटने को तैयार नहीं। इस बीच, उन्होंने अस्पताल से ही एक भावुक पत्र जारी किया है। इस पर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
इस घटना को लेकर अभिजीत ने गुस्सा जताते हुए कहा कि अगर सोनम सर को कल कुछ हो गया तो जिम्मेदार कौन होगा? अभिजीत ने आगे कहा- सोनम सर आज अपना उपवास खत्म करने वाले थे। मैं रोज उनके पास बैठता था, राहत महसूस कर रहा था। लेकिन पुलिस की इस हिंसा के चलते उन्होंने अपना मन बदल लिया।
दीपके ने आगे कहा कि सोनम सर (वांगचुक) का साफ कहना है कि आज पुलिस की कार्रवाई और शांति से विरोध कर रहे लोगों के साथ पुलिस की बर्बरता, जिस तरह से उन्होंने लोगों पर हमला किया, उनके सिर फोड़े और लाठीचार्ज किया, उसे देखने के बाद सोनम सर ने आज अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के बजाय उसे जारी रखने का फैसला किया है, यह कोई जश्न मनाने वाली बात नहीं है। उनकी जान खतरे में है।
बता दें कि कुछ ही देर पहले सोनम ने अस्पताल से ही एक पत्र जारी किया। जो माना जा रहा है कि हाथ से लिखा हुआ था। उसमें सरकार और पुलिस से अपील की गई कि वह आज या कल तक संसद में सांसदों के सामने छात्रों को अपनी शिकायत रखने का मौका दें, ताकि इस मुद्दे को जल्द से हल किया जा सके।
इसके साथ, उन्होंने खुद यह जानकारी दी कि 23वें दिन भी उनका भूख हड़ताल खत्म नहीं हुआ है। सोनम ने कहा कि जब तक सरकार उनकी बात नहीं मानती और छात्रों को अस्पताल में उनसे मिलने नहीं दिया जाता, तब तक यह हड़ताल चलता रहेगा। इससे पहले, यह अफवाहें चल रही थीं कि सोनम ने 23वें दिन भूख हड़ताल खत्म कर लिया है।
Updated on:
20 Jul 2026 08:41 pm
Published on:
20 Jul 2026 08:41 pm
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