
Mukhtar Abbas Naqvi : नकवी के इस जवाब ने AAP को फिर घेरा—आखिर क्या है पूरा मामला? (फोटो सोर्स: @ians_india)
Mukhtar Abbas Naqvi: दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों को नोटिस मिलने के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अब बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने इन आपत्तियों को राजनीतिक साजिश के बजाय रिकॉर्ड की तकनीकी जांच से जोड़ते हुए कहा है कि जहां भी कमी मिले, उसे दुरुस्त कराने की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की है।
दिल्ली में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। AAP की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी रिकॉर्ड की जांच एक सतत प्रक्रिया है और इसमें सामने आने वाली कमियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधारा जाना चाहिए।
नकवी ने कहा कि कुछ लोग हर तकनीकी मामले में आपराधिक साजिश तलाशने लगते हैं। उनके मुताबिक, अगर किसी मतदाता के रिकॉर्ड में कोई कमी या विसंगति है तो संबंधित व्यक्ति को उसे ठीक कराने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर समस्या का समाधान पूरी व्यवस्था से कराने की अपेक्षा करने के बजाय संबंधित व्यक्ति को भी अपनी ओर से जरूरी सुधार कराना चाहिए।
यह विवाद तब सामने आया जब अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित और उनके माता-पिता गोविंद राम व गीता देवी को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी हुआ। IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नामों को पिछले SIR रिकॉर्ड से 'अनमैप्ड' श्रेणी में रखा गया है। केजरीवाल परिवार के पांच सदस्य नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक हिस्से में नोटिस पाने वाले 110 मतदाताओं में शामिल हैं।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण बात यह है कि नोटिस मिलना अपने आप में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का अंतिम निर्णय नहीं है। निर्वाचन अधिकारियों की प्रक्रिया के तहत ऐसे मतदाताओं से रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाता है। दिल्ली में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड में या तो पुराने आंकड़ों से मैपिंग नहीं हो पाई या तार्किक विसंगतियां सामने आई हैं।
आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार, नोटिस के बाद संबंधित मतदाता अपने रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) भी सत्यापन प्रक्रिया में भूमिका निभाता है। यही वजह है कि चुनावी सूची के अंतिम स्वरूप से पहले इन मामलों में दावों और आपत्तियों की प्रक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस बीच, यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि SIR के दायरे में केवल केजरीवाल परिवार ही नहीं, बल्कि कई अन्य चर्चित नाम भी आए हैं। रिपोर्टों के अनुसार दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कपिल सिब्बल और बीजेपी के पूर्व दिल्ली अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा समेत कई नेताओं के रिकॉर्ड में भी अलग-अलग तरह की विसंगतियां दर्ज की गईं।
इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली की मतदाता सूची में दर्ज विवरणों के सत्यापन और उन्हें अपडेट रखने की अहमियत को फिर सामने ला दिया है। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब निगाह इस बात पर है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित नामों और रिकॉर्ड की स्थिति क्या रहती है।
Updated on:
20 Sept 2026 02:47 pm
Published on:
20 Sept 2026 02:31 pm
