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चार धाम यात्रा: केदारनाथ में श्रद्धालुओं ने फैलाया कचरा, वैज्ञानिक बोले – यही बनता है तबाही का कारण

चार धाम यात्रा: कोरोना के कारण 2 साल बाद चार धाम यात्रा शुरू हो चुकी है। इसके कारण भारी संख्या में श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं , जो अपने साथ प्लास्टिक का सामान ले जा रहे हैं और उसे कहीं भी फेक दे रहे हैं। जिसके कारण वैज्ञानिकों ने चिंता जताते हुए इसे तबाही का कारण बताया है।
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नई दिल्ली

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Abhishek Kumar Tripathi

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Updated: 22 May 2022, 4:11 PM IST

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चार धाम यात्रा: दो साल के लंबे अंतराल के बाद चार धाम तीर्थयात्रा शुरू होने से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जिनमें जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है, लेकिन चिंता वाली बात यह है श्रद्धालु अपने साथ प्लास्टिक की थैलियां, बोतले या तो ले जा रहे हैं जिसे कही भी फेक दे रहे हैं। इसके कारण अब प्लास्टिक की थैलियां, बोतलें, कई प्रकार के प्लास्टिक कचरे जगह-जगह पर दिखाई दे रहे हैं। केदारनाथ धाम में तो प्लास्टिक के कचरों का ढेर लगाना शुरू हो गया है। इसको लेकर वैज्ञानिक चिंता जता रहे हैं।

गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के प्रोफेसर एमएस नेगी ने कहा कि हमें 2013 की त्रासदी को भूलना नहीं चाहिए, हमें उसे याद रखते हुए सावधान रहना चाहिए। इसके साथ ही आगे एमएस नेगी ने कहा कि केदारनाथ जैसे संवेदनशील स्थान पर जिस तरह से प्लास्टिक का कचरा जमा हो गया, वह पर्यावरण के लिए खतरनाक है। इससे क्षरण होता है जो भूस्खलन का कारण बन सकता है।

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विलुप्त हो रहे औषधीय पौधे

HAPPRC (एचएपीपीआरसी) के निदेशक प्रों एम सी नौटियाल ने बताया कि इस साल पर्यटकों की आने की संख्या काफी बढ़ी है, जिसके कारण प्लास्टिक कचरा भी बढ़ गया है। इसके कारण प्राकृतिक वनस्पति प्रभावित हुई है व औषधीय पौधे भी विलुप्त हो रहे हैं।


लाखों लोगों ने कराया यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन

चार धाम यात्रा के लिए लाखों लोगों ने रजिस्ट्रेशन करा रखा है, यहां तक कि मई महीने के लिए कोई भी स्लॉट नहीं बचा है। इसके साथ ही आज विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर का भी कपाट खोल दिया गया है।


उचित व्यवस्था के लिए तय की गई है संख्या

श्रद्धालुओं को बिना रूकावट उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रोजाना जाने वाले यात्रियों की संख्या तय की गई है। आपको बता दें कि बद्रीनाथ धाम में एक दिन में 16 हजार, केदारनाथ धाम में 13 हजार, गंगोत्री और यमुनोत्री में 8-8 हजार वहीं आज से शुरू हुए हेमकुंड साहिब में 5 हजार श्रद्धालु दर्शन कर सकते हैं।

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