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संजय राउत का धर्मेंद्र प्रधान पर पलटवार, बोले- पेपर लीक से Gen Z को भड़काया गया, बताएं किसने गुमराह किया?

Sanjay Raut: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद धर्मेंद्र प्रधान के Gen Z को गुमराह किए जाने वाले बयान पर संजय राउत ने पलटवार किया। उन्होंने पेपर लीक और शिक्षा मंत्रालय के कामकाज को लेकर सवाल उठाए।
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भारत

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Ashib Khan

Aug 09, 2026

Dharmendra Pradhan resignation Education Minister statement

शिवसेना नेता संजय राउत ने धर्मेंद्र प्रधान पर साधा निशाना (Photo-IANS)

Sanjay Raut Attacks Dharmendra Pradhan Gen Z: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पहली बार धर्मेंद्र प्रधान ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जेन-जी को गुमराह किया गया है। इस पर शिवसेना सांसद संजय राउत ने प्रधान पर पलटवार करते हुए निशाना साधा है। संजय राउत ने कहा कि Gen Z को पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के शिक्षा मंत्रालय चलाने के तरीके, पेपर लीक और ऐसे ही अन्य मुद्दों को लेकर भड़काया गया था। 

राउत ने आगे कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नितिन नबीन और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ बैठकर यह तय करना चाहिए कि Gen Z को गुमराह किया गया था या भड़काया गया था। अगर Gen Z को गुमराह किया गया, तो उन्हें किसने गुमराह किया? अगर उन्हें भड़काया गया, तो किसने भड़काया? इन सवालों के जवाब दिए जाने जरूरी हैं।

कांग्रेस ने क्या कहा? 

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने बीजेपी सांसद धर्मेंद्र प्रधान को लेकर कहा कि मुझे लगा था कि इस इस्तीफे के बाद उन्हें सद्बुद्धि आएगी, लेकिन ऐसा लगता है कि वह अभी भी किसी दूसरी ही दुनिया में जी रहे हैं। आपके कार्यकाल में शिक्षा का व्यावसायीकरण हुआ। पैसे लेकर प्रश्नपत्र लीक किए गए। 

उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा व्यवस्था की स्वतंत्रता को पूरी तरह कमजोर कर दिया और उसे आरएसएस के प्रभाव में ला दिया। मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि आपको बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था।

धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा था? 

बता दें कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक कार्यक्रम में नीट पेपर लीक के बाद हुए आंदोलन को लेकर प्रतिक्रिया दी। NEET विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह किया गया और कुछ लोगों ने नई पीढ़ी के बच्चों की नाराजगी का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश की।

पीएम मोदी से की थी मुलाकात- प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी और उनसे आग्रह किया था कि नई पीढ़ी की चिंताओं और आकांक्षाओं को स्वीकार किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा था कि छात्रों की बात को सामने रखने और उनकी चिंताओं को स्वीकार करने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी शिकायतों का राजनीतिक इस्तेमाल न हो सके।

उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनसे Gen Z की इच्छा को स्वीकार करने का आग्रह किया। मैंने उनसे कहा कि मुझे बच्चों के सामने उनकी बात स्वीकार करने की अनुमति दी जाए। मैंने इस मामले में अपने व्यक्तिगत सम्मान को कभी मुद्दा नहीं बनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बात स्वीकार की और बाद में खुद छात्रों के सामने इस मुद्दे को संबोधित किया।