
कर्नाटक में अब तक 12 डिप्टी सीएम में से 5 नेता ही सीएम बन पाए हैं (Photo-IANS)
Karnataka Politics: कर्नाटक के सीएम के रूप में बुधवार को डीके शिवकुमार शपथ लेने जा रहे हैं। इसके साथ ही वे राज्य के इतिहास में उपमुख्यमंत्री से मुख्यमंत्री बनने वाले नेताओं की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे। दरअसल, प्रदेश में अब तक 12 नेता डिप्टी सीएम बने हैं, जिनमें से केवल पांच नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं। इनमें एस.एम. कृष्णा, जे.एच. पटेल, सिद्धारमैया, बी.एस. येदियुरप्पा और अब डीके शिवकुमार शामिल हैं। सिद्धारमैया दो बार डिप्टी मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
बता दें कि प्रदेश में पहली बार 1993 में एम वीरप्पा मोइली सरकार में एसएम कृष्णा को डिप्टी सीएम बनाया था। बता दें कि संविधान में डिप्टी सीएम पद का कोई उल्लेख नहीं है। वहीं 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि किसी सत्तारूढ़ दल या गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को डिप्टी सीएम नियुक्त करना पूरी तरह वैध है।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक डिप्टी मुख्यमंत्री का पद अक्सर उन नेताओं को दिया जाता है जो मुख्यमंत्री पद के दावेदार होते हैं लेकिन शीर्ष पद हासिल नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि संवैधानिक रूप से डिप्टी सीएम का दर्जा कैबिनेट मंत्री के बराबर होता है, लेकिन राजनीतिक रूप से यह पद अधिक महत्व और दृश्यता प्रदान करता है। साथ ही, क्षेत्रीय, जातीय और राजनीतिक संतुलन साधने के लिए भी इस पद का उपयोग किया जाता है।
बता दें कि एस.एम. कृष्णा के बाद एच.डी. देवेगौड़ा सरकार में जे.एच. पटेल को डिप्टी सीएम बनाया गया। इसके बाद 1990 के दशक में सिद्धारमैया को जनता दल सरकार में यह जिम्मेदारी मिली।
वर्ष 2004-05 में धर्म सिंह सरकार के दौरान सिद्धारमैया दूसरी बार डिप्टी मुख्यमंत्री बने। उनके बाद दिवंगत एम.पी. प्रकाश ने यह पद संभाला। वर्ष 2006 में बीजेपी-जेडीएस गठबंधन सरकार में बी.एस. येदियुरप्पा करीब एक वर्ष तक डिप्टी सीएम रहे।
कर्नाटक की राजनीति में एक समय ऐसा भी आया जब राज्य में एक साथ कई डिप्टी सीएम भी नियुक्त किए गए थे। वर्ष 2012-13 में जगदीश शेट्टर के मुख्यमंत्री रहते बीजेपी सरकार में आर. अशोक और के.एस. ईश्वरप्पा दो डिप्टी सीएम थे।
इसके बाद 2019 में बी.एस. येदियुरप्पा के मुख्यमंत्री बनने पर अश्वथ नारायण, गोविंद करजोल और लक्ष्मण सावदी को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाया गया। वहीं, 2018-19 की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार में जी. परमेश्वर डिप्टी सीएम रहे।
बता दें कि डीके शिवकुमार ने 2023 में डिप्टी मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और उन्होंने 3 वर्ष 9 दिन तक इस पद पर कार्य किया। हालांकि, डिप्टी मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड सिद्धारमैया के नाम दर्ज है, जिन्होंने 3 वर्ष 52 दिन तक इस जिम्मेदारी का निर्वहन किया था।
Updated on:
3 Jun 2026, 12:55 PM IST
Published on:
3 Jun 2026, 12:41 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.