
टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी । ( फोटो : ANI )
Domestic LPG price: घरेलू रसोई गैस के दामों में हाल ही में की गई वृद्धि को लेकर तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई का पूरा बोझ साधारण परिवारों पर थोपा जा रहा है, जबकि संपन्न वर्ग इससे पूरी तरह अछूता है। टीएमसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिये कहा कि खुद को 'विश्वगुरु' बताने वाली सरकार को अपने नागरिकों को लगातार लग रहे महंगाई के झटकों से राहत देने में सक्षम होना चाहिए। पार्टी का तर्क है कि कीमतों में यह बदलाव अमीरों के लिए भले ही एक 'छोटी-सी असुविधा' हो, लेकिन उन परिवारों के लिए यह बहुत बड़ा संकट है जो पहले से ही घरेलू खर्चों को संभालने में परेशान हैं।
टीएमसी के बयान के अनुसार, 'घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये का इजाफा किया गया है। भाजपा का मॉडल यही है कि जब भी कोई वैश्विक संकट आता है, तो गरीब तो परेशान होते हैं लेकिन अमीर और फलते-फूलते हैं। जो सरकार खुद को 'विश्वगुरु' कहती है, वह अपने देशवासियों को लगातार बढ़ती महंगाई के झटकों से सुरक्षित नहीं रख पा रही है।'
पार्टी ने कहा, 'भविष्य की नीतियां बनाने और आम जनता को सुरक्षा देने के बजाय नरेंद्र मोदी सरकार इस वित्तीय बोझ को सीधे परिवारों पर ट्रांसफर कर रही है। पैसे वालों के लिए यह एक मामूली बात हो सकती है, मगर लाखों परिवारों के लिए यह उनके पहले से तंग आ चुके बजट पर एक और करारी चोट है।'
यह तीखी प्रतिक्रिया रसोई गैस के दामों में प्रति सिलेंडर 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद आई है। बदली हुई ये नई दरें रविवार से ही प्रभावी हो गई हैं। इस हालिया वृद्धि के बाद, देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर अब 942 रुपये पर पहुंच गई है। गौरतलब है कि इससे पहले पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुआ था, जिसके चलते तेल कंपनियों ने बीती 7 मार्च को भी एलपीजी के दाम 60 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए थे।
इस बीच, गुरुवार को आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी बैठक के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने के लिए घरेलू उत्पादन को तेज करने और आयात को सुरक्षित करने जैसे कई जरूरी कदम उठाए हैं। मीडिया से बातचीत करते हुए सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर कम वसूली (अंडर-रिकवरी) का आंकड़ा अभी भी लगभग 700 रुपये के आसपास बना हुआ है।
इसके साथ ही उन्होंने पिछले दिनों एलपीजी की मांग में देखी गई गिरावट की वजहों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक (कमर्शियल) और औद्योगिक उपभोक्ताओं द्वारा गैस का इस्तेमाल घटाने, बुकिंग के नियमों को बेहतर करने और तकनीक पर आधारित डिलीवरी वेरिफिकेशन से मांग में यह कमी आई है। शर्मा के अनुसार, "मांग घटने की मुख्य वजह यह है कि कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में एलपीजी का उपभोग कम हुआ है। इसके अलावा हमने बुकिंग की समय-सीमा को 25 दिन और 45 दिन तक सीमित कर दिया है। साथ ही, अब डिलीवरी को 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड' (DAC) से जोड़ दिया गया है, जिससे व्यवस्था में सुधार हुआ है।'
Updated on:
07 Jun 2026 02:06 pm
Published on:
07 Jun 2026 12:42 pm
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