23 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गुलामी के प्रतीकों पर मोदी का ‘हथौड़ा’! अब लुटियंस जोन में नहीं दिखेगा लुटियंस, जानें कौन लेगा उसकी जगह?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति' के संकल्प के तहत लुटियंस दिल्ली से ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा को हटा दिया गया है।

2 min read
Google source verification
President Murmu Unveils Bust of C. Rajagopalachari at Rashtrapati Bhavan

राजाजी उत्सव

राष्ट्रपति भवन के केंद्रीय प्रांगण से ब्रिटिश वास्तुकार सर एडविन लुटियंस की कांस्य प्रतिमा हटा दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में इसकी घोषणा की थी। सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 'राजाजी उत्सव' के तहत स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा राष्ट्रपति भवन की ग्रैंड ओपन सीढ़ी के अंदर एक अलकोव में स्थापित की गई है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और राजाजी के परिवारजन भी मौजूद थे।

गुलामी के प्रतीकों पर मोदी का 'हथौड़ा'!

पीएम मोदी ने कहा, 'देश गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ रहा है और भारतीय संस्कृति से जुड़े प्रतीकों को महत्व दे रहा है।' उन्होंने 'पंच प्रण' का जिक्र किया, जिसमें 2047 तक औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति शामिल है। यह कदम मोदी के एंटी-कॉलोनियल प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसमें कार्तव्य पथ (पूर्व राजपथ), नया संसद भवन और साउथ ब्लॉक से पीएमओ का स्थानांतरण जैसे बदलाव शामिल हैं।

कौन थे एडविन लुटियंस?

एडविन लुटियंस (1869-1944) ब्रिटिश आर्किटेक्ट थे, जिन्हें नई दिल्ली के मुख्य डिजाइनर के रूप में जाना जाता है। 1911 में किंग जॉर्ज पंचम ने दिल्ली को राजधानी घोषित किया था। लुटियंस ने सर हर्बर्ट बेकर के साथ मिलकर इंडो-यूरोपीय शैली विकसित की, जिसमें नेोक्लासिकल तत्वों को मुगल, बौद्ध और हिंदू मोटिफ्स से जोड़ा गया। उनके प्रमुख डिजाइन में राष्ट्रपति भवन (तत्कालीन वाइसराय हाउस), इंडिया गेट, नॉर्थ-साउथ ब्लॉक, कनॉट प्लेस और सेरेमोनियल एक्सिस (किंग्सवे, अब राजपथ) शामिल हैं। लुटियंस ने इंग्लैंड में भी कई कंट्री हाउस डिजाइन किए थे। 1918 में उन्हें नाइटहुड मिला। उनकी मृत्यु के बाद राख सेंट पॉल कैथेड्रल में रखी गई।

'लुटियंस दिल्ली' का मतलब और एलीटिज्म

'लुटियंस दिल्ली' मूल रूप से 26 वर्ग किमी क्षेत्र को कहते थे, जहां कम ऊंचाई वाले बंगले, चौड़ी सड़कें और हरियाली है। समय के साथ यह शब्द राजनीतिक बन गया, जो अंग्रेजी-भाषी, विदेशी शिक्षित, कांग्रेस-समर्थक एलीट वर्ग को दर्शाता है, जो आम भारतीय से कटा हुआ माना जाता है। बीजेपी और मोदी के लिए यह 'लुटियंस गैंग' या एलीटिज्म का प्रतीक है।

प्रतिक्रियाएं और महत्व

लुटियंस के परपोते मैट रिडली ने एक्स पर दुख जताया। यह कदम कोलोनियल अवशेषों को हटाने की दिशा में बड़ा प्रतीक है। राजाजी, गांधी के करीबी, स्वतंत्रता सेनानी, वकील और स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे। मोदी उन्हें 'सेवा को सर्वोपरि मानने वाले' बताते हैं। यह बदलाव भारत की स्वतंत्र पहचान मजबूत करने का प्रयास है।