
चुनाव आयोग ने दिए चुनाव अधिकारियों के खिलाफ FIR कराने के निर्देश। (Photo-IANS)
ECI Take Action Against Election Officials: पश्चिम बंगाल से एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। वहां अवैध तरीके से मतदाता सूची में नाम जोड़े गए हैं। इसके बाद चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। मतदाता सूची में गलत तरीके से नाम जोड़ने में 5 अधिकारियों का नाम सामने आया है। इसके बाद चुनाव आयोग ने आरोपी अधिकारियों के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को गंभीर लापरवाही और मतदाता सूची में अवैध नाम जोड़ने के लिए FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के CEO को संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) को निर्देश देने के लिए कहा है ताकि अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जा सके।
चुनाव आयोग ने नोटिस में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) को निर्देश देने के लिए कहा है। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 के तहत, साथ ही BNS 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत (जैसा लागू हो), तुरंत FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही चुनाव आयोग ने चेतावनी दी है कि FIR दर्ज न करने को बहुत गंभीरता से लिया जाएगा और उपरोक्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त चुनाव आयोग ने जल्द-से-जल्द एक अनुपालन रिपोर्ट भी जमा करने के निर्देश दिए हैं।
मतदाता सूची से छेड़छाड़ करने और डेटा सुरक्षा की नीति का उल्लंघन करने के आरोप में चुनाव अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया था। इस कार्रवाई में 2 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 2 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) को गंभीर लापरवाही करने और अपने कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहने के आरोपों के तहत निलंबित किया गया।
इसके बाद चुनाव आयोग ने इन अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया था। चुनाव आयोग ने ER डेटाबेस के लॉगिन क्रेडेंशियल को अनधिकृत व्यक्तियों के साथ साझा करने के आरोप में निर्देश दिए थे।
पहले दिए गए निर्देशों का पालन नहीं होने पर चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को नोटिस भेजा। ECI के नोटिस में कहा गया है कि राज्य सरकार ने 20 अगस्त, 2025 को आरोपी अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। इसके बाद आरोपी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन FIR के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया गया है।
बता दें कि दक्षिण 24 परगना के ERO देबोत्तम दत्ता चौधरी, AERO तथागत मंडल और उनके डेटा एंट्री ऑपरेटर सुरोजित हलदर को निलंबित कर दिया गया था। पुरबा मेदिनीपुर के ERO बिप्लब सरकार और EERO सुदीप्त दास को भी निलंबित कर दिया गया था।
Published on:
03 Jan 2026 03:15 pm
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