
एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग। ( फोटो: AI )
Dating App :भारत में रिश्तों और शादीशुदा जिंदगी के मायने डिजिटल युग के साथ बहुत तेजी से बदल रहे हैं। इसकी एक ताजा मिसाल एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप्स की बढ़ती लोकप्रियता है। हालिया रिपोर्ट और आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में भारत के करीब 40 लाख लोग अपनी शादीशुदा जिंदगी से बाहर रिश्ते तलाश करने के लिए इस तरह के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला नाम बेंगलुरु का है, जो यूज़र्स की संख्या के मामले में पूरे देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।
आईटी हब के रूप में मशहूर बेंगलुरु शहर की तेज रफ्तार जिंदगी का असर लोगों के निजी रिश्तों पर भी पड़ रहा है। काम का अत्यधिक दबाव, कॉरपोरेट लाइफ स्टाइल और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण लोग अपनी शादीशुदा जिंदगी की नीरसता से दूर एक नया कनेक्शन कर तलाश रहे हैं।
इन डेटिंग ऐप पर सिर्फ महानगरों के लोग ही नहीं, बल्कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के यूज़र्स की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी 'प्राइवेसी' और 'पहचान गुप्त रखने' की सुविधा है, जो लोगों को बिना किसी सामाजिक डर के अपनी भावनाएं व्यक्त करने का मौका देती है। हैरान करने वाली बात यह है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की भागीदारी में भी पिछले कुछ वर्षों में बड़ा उछाल देखा गया है, जो एक बड़े सामाजिक बदलाव का संकेत है।
इस नए ट्रेंड पर मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों का स्पष्ट मानना है कि शादीशुदा जिंदगी में संवाद की कमी इसका मुख्य कारण है। जब कपल्स एक-दूसरे को पर्याप्त समय नहीं दे पाते हैं या भावनात्मक जुड़ाव महसूस नहीं करते, तो वे डिजिटल प्लेटफॉर्म का सहारा लेते हैं। कई मामलों में लोग सिर्फ शारीरिक जरूरत के लिए नहीं, बल्कि एक 'इमोशनल सपोर्ट' या किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश में इन ऐप्स पर जाते हैं, जो बिना जज किए उनकी बात सुन सके।
इस भारी भरकम यूज़र बेस के सामने आने के बाद भविष्य में पारंपरिक विवाह संस्था के स्वरूप पर लंबी बहस शुरू हो गई है। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में विवाह परामर्श की मांग में तेजी आएगी। इसके साथ ही, कानूनी स्तर पर भी इस तरह की डेटिंग साइट्स के नियमों, प्राइवेसी पॉलिसी और डेटा सुरक्षा को लेकर सरकार नई गाइडलाइन्स पर विचार कर सकती है, ताकि यूज़र्स के हितों की रक्षा हो सके।
इसका एक गंभीर पहलू साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन धोखाधड़ी से भी जुड़ा है। अपनी पहचान छुपा कर रिश्ते बनाने की चाहत में कई बार लोग ब्लैकमेलिंग या साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप्स पर फेक प्रोफाइल्स और हनीट्रैप के जरिए लोगों को फंसाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में प्राइवेसी बनाए रखने के चक्कर में यूज़र्स अपनी निजी जानकारी और वित्तीय सुरक्षा को बड़े जोखिम में डाल देते हैं।
Updated on:
02 Apr 2026 09:36 pm
Published on:
02 Apr 2026 09:23 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
