
नई दिल्ली। लद्दाख में गलवान घाटी ( Galwan Valley ) में ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के दौरान चीनी सैनिकों के साथ लोहा लेते हुए शहीद होने वाले कर्नल संतोष बाबू ( Colonel Santosh Babu ) को मरणोपरांत महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ( Ramnath Kovind ) ने उनकी मां और पत्नी को पुरस्कार दिया।
इसके साथ ही ऑपरेशन स्नो लेपर्ड का हिस्सा रहे नायब सूबेदार नूडूराम सोरेन, हवलदार के पिलानी, नायक दीपक सिंह और सिपाही गुरतेज सिंह को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया है।
कर्नल संतोष बाबू गलवान घाटी में ऑब्जर्वेशन पोस्ट पर तैनात थी, उसी समय चीनी सेना ने भारत पर हमला किया, जिसके बाद संतोष बाबू ने आगे बढ़कर दुश्मन का सामना किया और देश के लिए शहीद हो गए।
वहीं नायब सूबेदार नुदूराम सोरेन को ऑपरेशन स्नो लेपर्ड में पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा किए गए शातिर हमले के खिलाफ उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उनकी पत्नी को पुरस्कार दिया।
ऑपरेशन स्नो लेपर्ड के अंतर्गत पिछले साल जून में गलवान घाटी में चीनी सेना द्वारा किए गए शातिर हमले का लोहा लेते हुए शहीद होने वाले हवलदार के. पलानी को उनकी वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
इसी ऑपरेशन में शहीद होने वाले नायक दीपक सिंह को उनकी वीरता के लिए मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने उनकी पत्नी को पुरस्कार दिया।
चीनी सेना के हमले में वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हो जाने वाले सिपाही गुरतेज सिंह को भी वीर चक्र से सम्मानित किया गया। ऑपरेशन स्नो लेपर्ड में सिपाही गुरतेज सिंह गलवान में चीनी सेना का सामना करते हुए शहीद हो गए थे।
हवलदार तेजेंद्र सिंह को गलवान में चीनी सेना का बहादुरी से सामना करने और वीरतापूर्ण कार्रवाई के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया।
Published on:
23 Nov 2021, 12:58 PM IST
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