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गोवा की छवि कैसिनो और अर्धनग्न लड़कियों का समुद्र तट पर घूमना रह गया है! इस संस्था ने बताया कैसे बदलेगी यह इमेज

Promote Religious tourism in Goa: भारत में गोवा का नाम सुनते ही लोगों के मन में समुद्र तट का खूबसूरत किनारा और वहां कम कपड़ों में घूमने वाली स्त्रियों के ख्याल आते हैं। हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इस छवि को बदलने के कुछ सुझाव दिए हैं।
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नई दिल्ली

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Swatantra Mishra

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Updated: 11 Dec 2023, 9:54 AM IST

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The image of Goa has become the land of casinos, beaches with half naked women: भारत में गोवा का मतलब कैसिनो, समुद्र तट पर नहाती अर्धनग्न महिलाएं, और सनबर्न हो गया है? यह सवाल उठाते हुए हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय पवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि गोवा में मंदिर संस्कृति को बढ़ावा क्यों नहीं दिया जा रहा है? क्या वास्तविकता में गोवा की यही संस्कृति है? उन्होंने कहा कि गोवा में मंदिरों को आधार बनाकर आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। गोवा को हमें कैसिनो में जुआ खेलते हुए लोग और समुद्र किनारे छोटे कपड़ों में महिलाओं के घूमने के दृश्य को बदलने की जरूरत है। उन्होंने दक्षिण गोवा में गोमांतक मंदिर महासंघ और हिंदू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘गोमांतक मंदिर-धार्मिक संस्थान परिषद’ की बैठक में मंदिर संस्कृति के संरक्षण पर चर्चा की।

गोवा में धार्मिक पर्यटन को मिले बढ़ावा

उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद एक साल के अंदर 8 करोड़ पर्यटक बनारस पहुंचे जबकि गोवा में सिर्फ 73 लाख लोग। हमें गोवा में पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा क्यों नहीं दिया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि मंदिरों की पवित्रता को बनाए रखने वाले धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा रमेश शिंदे ने कहा कि गोवा में कुछ स्थानों पर ट्रस्टियों, महाजनों, पुजारियों आदि के बीच विवाद चल रहे हैं।

'मंदिरों के झगड़े आपस में बैठकर सुलझा लें'

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में भारत की अलग अलग अदालतों में 5 करोड़ से ज्यादा मामले लंबित हैं और न्याय पाने के लिए लोगों को पीढ़ियों तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में मंदिरों को अपने विवादों को खुद ही बैठकर सुलझा लेना चाहिए।

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