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क्या इजरायल दौरे में पीएम मोदी को थी ईरान पर हमले की भनक? केंद्र ने दिया ये जवाब

Israel Iran War: विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि इजरायल की ओर से भारत के साथ इस कार्रवाई को लेकर कोई पूर्व चर्चा या सूचना साझा नहीं की गई थी। पीएम मोदी के फरवरी में इजरायल दौरे के ठीक बाद 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था।

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Indian Government Statement Iran War

Indian Government Statement Iran War

Indian Government Statement Iran War: पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष के बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया इजरायल दौरे के समय उसे ईरान पर होने वाले हमलों की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी।

भारत के साथ शेयर नहीं की गई थी संघर्ष को लेकर पूर्व चर्चा

विदेश राज्य मंत्री ने बताया कि इजरायल की ओर से भारत के साथ इस कार्रवाई को लेकर कोई पूर्व चर्चा या सूचना साझा नहीं की गई थी। पीएम मोदी के फरवरी में इजरायल दौरे के ठीक बाद 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इस हमले में ईरान में भारी तबाही की खबरें आई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने सीजफायर की गुहार लगाई है, हालांकि ईरान ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

ट्रंप की धमकी, नाटो से बाहर निकलेगा अमेरिका

ट्रंप ने NATO देशों के समर्थन की कमी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वे NATO से बाहर निकलने पर भी विचार कर रहे हैं। यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और स्पेन समेत कई देशों ने खुलकर अमेरिका-इजरायल का साथ देने से इनकार कर दिया है। इस संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने की आशंका से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है, क्योंकि दुनिया के बड़े हिस्से का तेल इसी मार्ग से गुजरता है।

जंग से पहले इजरायल गए थे पीएम मोदी

सरकार का यह जवाब इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पीएम मोदी के इजरायल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई द्विपक्षीय समझौते हुए थे। कुछ लोगों ने अटकलें लगाई थीं कि क्या दौरे के समय भारत को हमले की जानकारी थी। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने साफ किया कि ऐसा कोई चर्चा या पूर्व जानकारी नहीं थी।

47,500 भारतीयों को सुरक्षित निकाला

भारत ने पश्चिम एशिया संकट में अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। अब तक 47,500 से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारत लंबे समय से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की वकालत करता रहा है। सरकार का रुख है कि सभी पक्ष संवाद के माध्यम से विवाद सुलझाएं।

अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर

यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है। भारत दोनों पक्षों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखते हुए अपने हितों की रक्षा कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है।