
गुलजार सिंह की मौत के पंजाब में क्यों मचा सियासी बवाल (सोर्स- एक्स यूजर /@Rattandeep Singh Dhaliwal और SK Chakraborty)
Punjab Gulzar Singh Suicide Case: पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। संगरूर के तूर बंजारा गांव के 53 वर्षीय खेतिहर मजदूर गुलजार सिंह की मौत के बाद आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार का आरोप है कि बेटे की ड्रग्स की लत और गांव में नशे की समस्या को लेकर आवाज उठाने के बाद गुलजार पर दबाव बनाया गया। अब कांग्रेस ने इस मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
गुलजार सिंह वाल्मीकि समुदाय से थे। वह गांव में खेतिहर मजदूर के तौर पर काम करते थे। परिवार के मुताबिक, उनके बड़े बेटे को ड्रग्स की लत लग गई थी। इससे पूरा परिवार परेशान था। परिवार का दावा है कि बेटा रोज करीब 800 रुपये कमाता था। उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा नशे पर खर्च हो जाता था। हालात यहां तक पहुंच गए कि घर का सामान तक बेचने की नौबत आ गई। परिवार के मुताबिक, बेटे ने कथित तौर पर मां की सोने की बालियां बेच दीं। घर के बर्तन और LPG सिलेंडर भी बेच दिए। यहां तक कि गुलजार द्वारा मेहनत से जुटाया गया गेहूं भी बेच दिया गया।
इसी परेशानी के बीच गुलजार गांव में बढ़ते नशे के खिलाफ आवाज उठाने लगे। उन्होंने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से भी इस समस्या को लेकर सवाल करने की कोशिश की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीमा के गांव दौरे के दौरान गुलजार ने इलाके में ड्रग्स की उपलब्धता को लेकर सवाल उठाया था। परिवार का आरोप है कि इसके बाद स्थानीय नेताओं और पंचायत से जुड़े लोगों ने उन पर दबाव बनाया।
परिवार का दावा है कि गुलजार को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए भी मजबूर किया गया। उनकी मौत से कुछ समय पहले एक कथित वीडियो भी सामने आया। इसमें वह इलाके में ‘चिट्टा’ मिलने और अपने बेटे की नशे की लत को लेकर चिंता जताते दिखे।
इसके बाद गुलजार की मौत हो गई। परिवार के मुताबिक, उन्होंने कथित तौर पर कीटनाशक पी लिया था। उन्हें अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार ने अंतिम संस्कार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। बेटे लखविंदर सिंह का दावा है कि परिवार की सहमति के बिना अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिवार ने पूरे मामले में न्याय और कार्रवाई की मांग की है।
गुलजार सिंह की मौत ने पंजाब की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस ने मंत्री हरपाल सिंह चीमा की गिरफ्तारी की मांग की है। पार्टी ने उनके घर की ओर विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी मामले में पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से चीमा का इस्तीफा लेने और स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
BJP नेता अमित मालवीय ने भी घटना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले नागरिक को डराया नहीं जाना चाहिए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और SC/ST एक्ट के तहत पांच आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अब इस मामले की जांच पर सबकी नजर है।
Updated on:
13 Sep 2026, 7:48 PM IST
Published on:
13 Sep 2026, 6:32 PM IST
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