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पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने गाय को ‘राष्ट्रीय पशु’ घोषित करने की मांग का किया समर्थन, बोले- इससे खत्म होगी समस्या की जड़

Eid-ul-Adha 2026: बकरीद से पहले देश में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग तेज हो गई है। पूर्व उपराष्ट्रपति Mohammad Hamid Ansari ने इस मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि इससे विवाद खत्म होता है और सामाजिक सौहार्द बना रहता है, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए।

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भारत

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Ashib Khan

May 26, 2026

Hamid Ansari on Cow National Animal Demand

हामिद अंसारी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग (Photo-IANS)

Bakrid 2026 Cow Sacrifice Ban: देशभर में 28 मई को ईद-उल-अजहा (बकरीद) मनाई जाएगी। इससे पहले कुर्बानी को लेकर सियासत तेज हो गई है। कई राज्यों में गाय की कुर्बानी पर पाबंदी लगाई गई है। इसके बाद एक बार फिर से गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग शुरू हो गई है। अब इसका समर्थन पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने भी किया है। उन्होंने कहा कि अगर इससे देश में शांति और सौहार्द बना रहता है और विवाद की जड़ खत्म होती है, तो इस पर विचार किया जाना चाहिए।

क्या बोले हामिद अंसारी

इंडियन  एक्सप्रेस से बात करते हुए पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि मैंने खबरों में पढ़ा कि कुछ संगठन गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग कर रहे हैं। मुझे यह मांग काफी तार्किक लगी। अगर किसी समस्या की जड़ को खत्म किया जा सकता है, तो ऐसा कदम उठाया जाना चाहिए।

हामिद अंसारी ने कहा कि गाय के वध को रोकने लिए अगर केंद्र सरकार ऐसा कोई फैसला लेती है, तो यह सकारात्मक कदम माना जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस पर अंतिम निर्णय लेना केंद्र सरकार का विषय है।

मौलाना मदनी ने की थी मांग

बता दें कि हाल ही में मौलाना अरशद मदनी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि गायों की खरीद-फरोख्त और वध में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।

मौलान मदनी की मांग के बाद कई मुस्लिम संगठनों ने भी इसका समर्थन किया। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए। वहीं मौलाना यासूब अब्बास ने भी कहा कि यह मांग उचित है और सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

कई राज्यों में गाय की कुर्बानी पर लगी पाबंदी

बता दें कि बकरीद पर कुर्बानी को लेकर कई राज्यों ने सख्त आदेश जारी किए है। इसमें गाय की कुर्बानी पर रोक भी लगाई है। बंगाल में 1950 के पशु वध नियंत्रण अधिनियम को सख्ती से लागू किया गया। कुर्बानी के लिए सरकारी पशु चिकित्सक का फिटनेस सर्टिफिकेट अनिवार्य है। बिना अनुमति के वध नहीं हो सकता। 

वहीं दिल्ली में गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी पूरी तरह प्रतिबंधित है। केवल अधिकृत स्थानों पर कुर्बानी हो सकती है। सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी करने से रोक लगा दी है। 

उत्तर प्रदेश में गाय, ऊंट, बछड़ों की कुर्बानी पर रोक लगा दी है। कुर्बानी केवल प्राइवेट स्थानों पर करने की अनुमति दी है। सार्वजनिक जगहों पर नमाज और कुर्बानी पर सख्ती लगाई है।