
हरपाल चीमा। फोटो-IANS
Punjab Congress Row: पंजाब सरकार के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस की आंतरिक खींचतान को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस समय जनता के मुद्दों से दूर होकर केवल सत्ता और पद की राजनीति में उलझी हुई है। उनका कहना है कि जिस पार्टी के नेता आपस में ही संघर्ष कर रहे हों, वह राज्य के लोगों की समस्याओं का समाधान करने का दावा नहीं कर सकती।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब कांग्रेस राज्य के अहम मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय अपने ही विवादों में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जनहित के सवाल उठाने के बजाय नेतृत्व और पद की लड़ाई में उलझ चुकी है। चीमा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के नेता केवल कुर्सी हासिल करने की कोशिश में लगे हैं, लेकिन पंजाब की जनता उन्हें सत्ता सौंपने के मूड में नहीं है।
हरपाल सिंह चीमा ने आम आदमी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने जनता से पांच प्रमुख गारंटियां की थीं और सरकार ने सभी वादों को पूरा किया है। उन्होंने दावा किया कि इन्हीं कार्यों के आधार पर जनता एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर भरोसा जताएगी और आगामी विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत मान दोबारा सरकार बनाएंगे।
हाल ही में एआईसीसी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल के राज्य दौरे के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी कलह खुलकर सामने आई। पार्टी की बैठकों के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थकों ने विरोध दर्ज कराया, जिससे संगठन के भीतर जारी मतभेद सार्वजनिक हो गए। सूत्रों के मुताबिक, विवाद की बड़ी वजह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद पर बनाए रखना माना जा रहा है। इससे 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर अलग-अलग शक्ति केंद्र बनने की चर्चा तेज हो गई है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जिस दल में अनुशासन की कमी हो और नेता लगातार आपसी टकराव में उलझे हों, वह जनता की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सकता। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और आने वाले विधानसभा चुनाव में एक बार फिर आम आदमी पार्टी को समर्थन देगी।
Updated on:
02 Aug 2026 05:41 pm
Published on:
02 Aug 2026 05:41 pm
