उत्तराखंड के हरिद्वार में गत 17 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आयोजित हुआ धर्म संसद इन दिनों देश ही नहीं विदेशों में भी खासा चर्चा का विषय बना है। हालांकि, यह चर्चा इस आयोजन के सकारात्मक नहीं बल्कि, नकारात्मक स्वरूप को लेकर हो रही है। इस धर्म संसद में वक्ताओं ने कुछ ऐसे भाषण दिए, जिन्हें दावा किया जा रहा है कि यह हेट स्पीच है। इस दो दिवसीय धर्म संसद का आयोजन हिंदुत्ववादी नेता यति नरसिम्हानंद ने किया था। बताया जा रहा है कि इस आयोजन में कुछ वक्ताओं ने एक समुदाय के विरोध में बयान दिए और यही इसके हंगामे की वजह बन गया है। विदेशों में इस हेट स्पीच यानी नफरती भाषण की काफी आलोचना हो रही है और कुछ लोगों ने मोदी सरकार पर हमला भी बोला है।