
बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला। ( फोटो : ANI)
Opposition Unity: देश की राजधानी दिल्ली में जहां एक तरफ विपक्षी दलों के 'इंडिया' गठबंधन की अहम बैठक चल रही है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने इस मोर्चे पर तीखा जुबानी हमला बोला है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने विपक्षी एकजुटता को पूरी तरह से नकारते हुए इसे केवल 'कागजी समझौता' करार दिया है। पूनावाला का कहना है कि इस गठबंधन के पास न तो कोई ठोस नीति है और न ही कोई साझा उद्देश्य, यह सिर्फ आपसी फूट और विरोधाभासों का पुलिंदा है।
शहजाद पूनावाला ने मीडिया से बातचीत करते हुए गठबंधन के अंदर चल रही खींचतान को उजागर किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दावे केवल हवाहवाई हैं, जबकि असलियत में इनके बीच सीटों और वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ी हुई है। बीजेपी प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में राज्यसभा सीट के बंटवारे को लेकर महिला परिषद और कांग्रेस के बीच विवाद खुल कर सामने आ चुका है। इसके अलावा, उन्होंने समाजवादी पार्टी के रुख पर भी सवाल उठाए कि वह इस बैठक से दूरी बना सकती है। पूनावाला के मुताबिक यह साफ दिखाता है कि इस गठबंधन का धरातल पर कोई अस्तित्व नहीं है।
यह सियासी घमासान उस वक्त देखने को मिला जब दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया ब्लॉक के प्रमुख नेताओं का जमावड़ा लगा हुआ था। बैठक की शुरुआत में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार की आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीतियों पर जम कर निशाना साधा। उन्होंने देश में चल रहे मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन की प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। हालांकि, उन्होंने संसद में सरकार के कुछ अहम विधेयकों, जैसे परिसीमन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक रोकने के लिए विपक्षी एकजुटता की तारीफ भी की।
कांग्रेस नेता ने बढ़ती महंगाई, हालिया परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और केंद्र की विदेश नीति को "कमजोर" बताते हुए घेरा। इस बैठक में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जैसे दिग्गज मौजूद रहे। वहीं शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि, तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ चल रहे मनमुटाव के चलते डीएमके ने इस बैठक में शामिल न होने का फैसला किया, जिसने बीजेपी के आरोपों को और हवा दे दी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष की बैठक के दिन ही बीजेपी का यह हमला रणनीति का हिस्सा है। डीएमके का बैठक में न आना और सपा को लेकर कयासबाजी ने बीजेपी को विपक्ष पर 'कमजोर एकता' का टैग लगाने का मौका दे दिया है। हालांकि, संसद में विधेयकों को रोकने का खरगे का दावा दिखाता है कि गठबंधन विधायी स्तर पर एकजुट रहने की कोशिश कर रहा है।
अब देखना यह होगा कि दिल्ली की इस बैठक के खत्म होने के बाद इंडिया ब्लॉक की तरफ से क्या संयुक्त बयान जारी किया जाता है। क्या डीएमके की नाराजगी को कांग्रेस दूर कर पाएगी? इसके साथ ही, आगामी राज्यों के चुनावों में सीटों के तालमेल पर इस आंतरिक कलह का क्या असर पड़ता है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिकी हुई हैं। (इनपुट: ANI)
Published on:
08 Jun 2026 01:46 pm
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