
अंग्रेजी शराब पर मिलेगा भारी डिस्काउंट
Heavy Discounts on English Liquor: भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच करीब दो दशकों की लंबी बातचीत के बाद ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और EU कमिशन प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' करार दिया। यह समझौता दुनिया के दो अरब लोगों को जोड़ने वाला सबसे बड़ा ट्रेड पैक्ट है, जो दोनों पक्षों के लिए व्यापार, निवेश और नवाचार के नए दरवाजे खोलेगा।
इस डील का सबसे बड़ा फायदा भारतीय उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर प्रीमियम यूरोपीय शराब पर। वर्तमान में यूरोपीय वाइन पर 150% तक इंपोर्ट टैरिफ लगता है, लेकिन अब यह क्रमिक रूप से घटकर प्रीमियम वाइन पर 20% और मिड-रेंज वाइन पर 30% रह जाएगा। शुरुआती चरण में यह 75% तक कम हो जाएगा। स्पिरिट्स (व्हिस्की, वोडका, जिन, रम आदि) पर टैरिफ 150% से घटकर 40% हो जाएगा। बीयर पर टैरिफ 110% से घटकर 50% किया गया है। इससे स्कॉच व्हिस्की, फ्रेंच वाइन, आयरिश क्राफ्ट बीयर, मोएट शैम्पेन, जेमसन, ग्रे गूज जैसी ब्रांड्स काफी सस्ती हो जाएंगी।
EU से आने वाले 96.6-97% सामानों पर टैरिफ खत्म या कम होगा, जिससे सालाना €4 बिलियन (लगभग ₹4,500 करोड़) की बचत होगी। भारत को क्लाइमेट चेंज में मदद के लिए EU से €500 मिलियन (करीब ₹4,500 करोड़) का फंड मिलेगा। डिजिटल ट्रेड, ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और ट्रेड सीक्रेट्स की मजबूत सुरक्षा होगी। कारों पर टैरिफ 110% से घटकर 10% (क्वोटा के साथ), एयरक्राफ्ट पर टैरिफ खत्म, ऑलिव ऑयल, चॉकलेट, प्रोसेस्ड फूड, फ्रूट जूस पर टैरिफ जीरो या बहुत कम।
भारत से EU में टेक्सटाइल, जेम्स-ज्वेलरी, फार्मा, केमिकल्स, मरीन प्रोडक्ट्स आदि पर टैरिफ जीरो या कम होगा। EU भारत के लिए सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन जाएगा, जहां निर्यात दोगुना होने की उम्मीद है।
डील पर फॉर्मल साइनिंग जल्द होगी, लेकिन रैटिफिकेशन (संसद मंजूरी) में 1-2 साल लग सकते हैं। लागू होने पर कीमतें धीरे-धीरे कम होंगी, लेकिन शुरुआती चरण में ही बड़ा असर दिखेगा। यह डील ट्रंप के टैरिफ युद्ध के बीच भारत-EU की रणनीतिक जीत है, जो दोनों को मजबूत आर्थिक साझेदार बनाएगी। उपभोक्ताओं के लिए अब प्रीमियम यूरोपीय शराब सस्ती होकर पार्टी और लाइफस्टाइल में नया रंग लाएगी!
Published on:
27 Jan 2026 05:14 pm
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