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फैक्टरी में बनेंगी भारत की सड़कें! नितिन गडकरी ने बताया तकनीक को तेज करने का तरीका

Roads in Factories: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा करते हुए कहा, सड़क का केवल कंक्रीट मिश्रण वाला हिस्सा निर्माण स्थल पर तैयार होगा, जबकि बाकी सभी हिस्से, जैसे प्री-कास्ट नालियां और अन्य संरचनाएं, फैक्ट्री में बनाई जाएंगी।

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भारत

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Devika Chatraj

Apr 16, 2025

Union Minister Nitin Gadkari will pave the way for road projects worth Rs 4667 crore in MP

4667 करोड़ के अटके पड़े प्रोजेक्ट के लिए दिल्ली में बैठक- demo pic

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने भारत में सड़क निर्माण के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि अब सड़कें पारंपरिक तरीके से साइट पर बनाने के बजाय फैक्ट्री में तैयार की जाएंगी। इस नवाचार से न केवल निर्माण की गति बढ़ेगी, बल्कि गुणवत्ता में सुधार और लागत में कमी भी आएगी। यह घोषणा उत्तर प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां गडकरी ने मलेशिया की उन्नत तकनीक का जिक्र करते हुए इसके फायदों को रेखांकित किया।

क्या है नई तकनीक?

गडकरी के अनुसार, सड़क का केवल कंक्रीट मिश्रण वाला हिस्सा निर्माण स्थल पर तैयार होगा, जबकि बाकी सभी हिस्से, जैसे प्री-कास्ट नालियां और अन्य संरचनाएं, फैक्ट्री में बनाई जाएंगी। यह प्री-कास्ट तकनीक सड़क निर्माण को तेज, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल बनाएगी। मलेशिया की इस तकनीक का उपयोग पहले ही सिंगापुर और भारत में चेन्नई मेट्रो परियोजना में किया जा चुका है, जहां हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई। गडकरी ने बताया कि इस तकनीक से 120 मीटर की दूरी में केवल दो पिलर की जरूरत पड़ती है, जिससे तीन पिलर की लागत बच जाती है।

सड़क सुरक्षा पर जोर

गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए भी कई उपाय सुझाए। उन्होंने कहा कि डिवाइडर की ऊंचाई को तीन फीट तक बढ़ाया जाएगा और दोनों तरफ दीवारें बनाई जाएंगी, ताकि कोई भी सड़क पार न कर सके। इसके अलावा, ड्रेनेज सिस्टम के लिए प्री-कास्ट नालियां अनिवार्य की गई हैं, जो गुणवत्ता को और बेहतर करेंगी।

उत्तर प्रदेश में लागू होगी योजना

गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके सलाहकार अवनीश अवस्थी से इस तकनीक को राज्य में लागू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस तकनीक को अपनाने से सड़क निर्माण में क्रांति आ सकती है। गडकरी ने यह भी दावा किया कि नई तकनीकों के उपयोग से 2047 तक भारत की सड़कें अमेरिका से भी बेहतर होंगी।

प्रशासनिक सुधारों की जरूरत

गडकरी ने नौकरशाही की सुस्ती पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मंत्रालय में फाइलें तब तक आगे नहीं बढ़तीं, जब तक कोई सख्त शिकायत न करे। उन्होंने अधिकारियों को तेजी से निर्णय लेने और परियोजनाओं में देरी कम करने की सलाह दी। साथ ही, ठेकेदारों की बैंक गारंटी लौटाने में लगने वाले समय और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों पर भी चिंता व्यक्त की।

सड़क निर्माण में तकनीक का भविष्य

गडकरी ने ऑटोमेटेड और इंटेलिजेंट मशीन-असिस्टेड कंस्ट्रक्शन (AIMC) सिस्टम को बढ़ावा देने की बात कही, जो निर्माण की हर प्रक्रिया में रियल-टाइम डेटा प्रदान करेगा। यह तकनीक सड़क निर्माण में सटीकता, गति और गुणवत्ता को बढ़ाएगी।

सुरक्षित और विश्वस्तरीय सड़कें

गडकरी का विजन स्पष्ट है- भारत को विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क के साथ एक सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र बनाना। उनकी यह पहल न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी आगे ले जाएगी।