12 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘पहले ये 3 शर्तें मानो…’, ईरान ने इजरायल और अमेरिका को दी चेतावनी, कहा- तभी जंग रुकेगी

Iran war end conditions: राष्ट्रपति मसूद पेजेकिशन ने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका है कि ईरान के वैध अधिकार को स्वीकार किया जाए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Mar 12, 2026

ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए रखी शर्तें (Photo-IANS)

Iran US Israel war: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इन देशों के युद्ध का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लग गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव और पाबंदियों की वजह से तेल टैंकरों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। इसी बीच पहली बार ईरान ने बोला है कि वह किन शर्तों के साथ अमेरिका और इजरायल के साथ युद्ध समाप्त करने को तैयार है।

क्या बोले ईरान के राष्ट्रपति 

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेकिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र तरीका है कि ईरान के वैध अधिकार को स्वीकार किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि इस युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में किसी भी हमले से बचाव के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पक्की पहुंच दी जाए।

साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका इन शर्तों को मान लेता है तो हम युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं। 

अमेरिका पर लगाया आरोप

इस दौरान ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका पर भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह युद्ध अमेरिका की वजह से शुरू हुआ है। साथ ही मसूद पेजेकिशन ने चेतावनी दी कि इस जंग को खत्म करने का एक ही रास्ता है: वह है ईरान के कानूनी अधिकारियों को मान्यता दी जाए, नुकसान का मुआवजा दिया जाए और भविष्य में हमले न होने की ठोस अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिले।

क्या बोले अमेरिकी राष्ट्रपति?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैरीलैंड में पत्रकारों से ईरान युद्ध के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि युद्ध के मोर्चे पर हमारे पास बहुत अच्छी खबर है। दरअसल, वे पूरी तरह से नष्ट हो रहे हैं। ईरान पूरी तरह से तबाह हो रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान लगभग हार के कगार पर है। इसका मतलब यह नहीं है कि हम इसे तुरंत समाप्त कर देंगे। उनके पास कोई नौसेना नहीं है। उनके पास कोई वायु सेना नहीं है। उनके पास कोई हवाई यातायात रोधी प्रणाली नहीं है, कुछ भी नहीं है। उनके पास नियंत्रण की कोई व्यवस्था नहीं है। हम उस देश पर पूरी तरह से नियंत्रण में हैं।