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कर्नाटक की हार के साथ भाजपा के लिए बंद हो जाएगा दक्षिण का द्वार!

Karnataka Election Result 2023 Update कर्नाटक विधानसभा चुनाव में रुझानों में कांग्रेस पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार कर गई है।। कांग्रेस के पार्टी दफ्तरों में जश्न शुरू हो गया है। पार्टी कार्यकर्ता ने ढोल नगाड़े बजा कर जश्न मना रहे हैं। पर सवाल यह उठता है कि, भाजपा की कर्नाटक हार से क्या उसके लिए दक्षिण का द्वार बंद हो जाएगा!

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कर्नाटक की हार के साथ भाजपा के लिए बंद हो जाएगा दक्षिण का द्वार!

karnataka assembly election vote Counting कर्नाटक विधानसभा चुनाव की जनगणना जारी है। रुझान यह बता रहे हैं कि कांग्रेस कर्नाटक में सरकार बना सकती है। कांग्रेस बहुमत के कगार पर है। भाजपा को कर्नाटक में न बजरंग बली का साथ मिला और डबल इंजन का दांव भी फेल हो गया है। कर्नाटक विधानसभा में 224 सीटों में से बहुमत के लिए 113 सीटें चाहिए। भाजपा अगर कर्नाटक में हार जाती है तो उसका दक्षिण विजय का सपना पूरा न हो सकेगा। मतलब कर्नाटक की हार के साथ भाजपा के लिए दक्षिण का द्वार बंद हो जाएगा। कर्नाटक में मौजूदा वक्त भाजपा का शासन है। अभी तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई हैं। कर्नाटक में वापसी भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वजह साफ है कि, कर्नाटक एकलौता राज्य है जहां पर भाजपा बहुमत में थी। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में भाजपा की हालात उतनी बेहतर नहीं है। तो कर्नाटक की हार भाजपा की दक्षिण भारत से विदाई का घंटी है। साथ ही लोकसभा चुनाव 2024 में रणनीति पर मंथन करने की जरुरत है।

रिजल्ट से भाजपा मायूस

कर्नाटक का सूबा भाजपा के हाथ से रेत की तरह से फिसल गया। कर्नाटक राज्य में हार के बाद भाजपा के मिशन साउथ को गहरा झटका लगेगा। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल में अपने जनाधार को मजबूत बनाने के लिए आरएसएस और अन्य संगठन जमकर मेहनत कर रहे हैं। कर्नाटक विधानसभा का यह रिजल्ट भाजपा को मायूस कर रहा है।

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नजरादांज येदियुरप्पा का चुनाव रिजल्ट पर दिखा असर

कर्नाटक में अगर बीते चुनाव के रिजल्ट पर गौर करें तो आपको पता चलेगा कि, भाजपा लगातार मेहनत कर रही है। पर भाजपा की इस मेहनत में बीएस येदियुरप्पा के जादू का बड़ा हाथ है। बीएस येदियुरप्पा मास लीडर हैं। पर इस बार येदियुरप्पा को पार्टी ने नजरादांज कर रखा था। चुनाव रिजल्ट में इसका असर साफ दिख रहा है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा की सीटें

चुनाव 1994 - 44 सीट
चुनाव 1999 - 44 सीट
चुनाव 2004 - 79 सीट
चुनाव 2008 - 110 सीट
चुनाव 2013 - 40 सीट
चुनाव 2018 - 104 सीट

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कांग्रेस वादा काम आया भाजपा की मेहनत हुई फेल

कर्नाटक में कांग्रेस जड़ें आज भी मजबूत के साथ जमी हुई हैं। इस बार कांग्रेस ने पांच गांरटी का जनता से वादा किया। रुझान बता रहे हैं कि, कांग्रेस के वादे पर जनता ने विश्वास किया है। भाजपा का बजरंग बली और डबल इंजन का दांव फेल लग रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी सहित 40 स्टार प्रचारकों ने चुनाव प्रचार में जमकर मेहनत की पर लग रहा है, यह मेहनत जनता को लुभा नहीं सकी है।

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