
पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजया (फोटो- SHARMA KIRAN एक्स पोस्ट)
केरल में सीएमआरएल-एक्सालॉजिक वित्तीय लेनदेन मामले ने एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) पिछले कई महीनों से इस मामले की जांच कर रहा है और हाल के दिनों में कार्रवाई काफी तेज हुई है। अब इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है। एजेंसी ने उन्हें शुक्रवार को कोच्चि स्थित कार्यालय में पेश होने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में नौ लोगों को समन भेजा गया है, जिनमें कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) से जुड़े अधिकारी भी शामिल हैं।
यह मामला वीणा विजयन की आईटी कंपनी एक्सालॉजिक और कोचिन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच हुए कथित वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। जांच एजेंसियों को शक है कि इन ट्रांजैक्शन में वित्तीय अनियमितताएं और मनी लॉन्ड्रिंग के तत्व मौजूद हो सकते हैं। हाल ही में ईडी ने वीणा विजयन, एक्सालॉजिक और मामले से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान डिजिटल डाटा, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए। अधिकारियों के अनुसार अब पूछताछ के दौरान इन दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों से जवाब मांगे जाएंगे। एजेंसी विशेष रूप से फंड फ्लो और लेनदेन की प्रकृति की जांच कर रही है।
इस मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) की रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। हाल ही में कॉरपोरेट मामलों की विशेष अदालत ने सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें ईडी को दस्तावेज देने का विरोध किया गया था। अदालत ने जांच एजेंसी को एसएफआईओ रिपोर्ट से जुड़े रिकॉर्ड तक पहुंच की अनुमति दे दी। ईडी अब वीणा विजयन और सीएमआरएल के बीच हुए एग्रीमेंट, आयकर रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच करेगी। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी के पास पहले से बड़ी मात्रा में डिजिटल और वित्तीय सबूत मौजूद हैं। जांच अधिकारी अब इन दस्तावेजों के आधार पर कथित लेनदेन की वास्तविक प्रकृति को समझने की कोशिश करेंगे।
ईडी की कार्रवाई के बाद केरल में राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) और लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के कार्यकर्ताओं ने ईडी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। तिरुवनंतपुरम में प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद पुलिस ने लगभग 300 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए और पांच लोगों को गिरफ्तार किया। ईडी अधिकारियों की एफआईआर में एजेंसी कर्मियों, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) पर हमले का आरोप लगाया गया है। विपक्ष ने राज्य सरकार पर जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने पुलिस कार्रवाई का बचाव किया है। अब शुक्रवार को होने वाली पूछताछ को इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Updated on:
09 Jun 2026 11:43 am
Published on:
09 Jun 2026 11:42 am
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