
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर (Photo-IANS)
केरल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माने जा रहे निकाय चुनाव में यूडीएफ को भारी जीत मिली है। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के गढ़ तिरुवनंतपुरम में NDA ने शानदार जीत दर्ज कर CPI (M) के नेतृत्व वाले LDF के 45 साल के गढ़ को भेद दिया। इस पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की सुंदरता बताया है।
एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चे (UDF) के प्रदर्शन की तारीफ की। दरअसल, यूडीएफ ने ग्रामीण और शहरी दोनों नगर निकायों में शानदार जीत हासिल की।
वहीं अपने क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में एनडीए की जीत पर बीजेपी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह यूडीएफ के लिए हो या उनके निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के लिए।
दरअसल, 101 सदस्यीय नगर निगम में बीजेपी ने 50 वार्ड जीते, जो बहुमत के आंकड़े से सिर्फ एक कम है। इसके अलावा सत्ताधारी LDF को करारा झटका लगा है। एलडीएफ ने महज 29 सीटों पर ही जीत दर्ज की। इसके अलावा यूडीएफ ने 19 वार्डों पर अपना कब्जा जमाया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने आगे कहा कि हम केरल की बेहतरी के लिए काम करना जारी रखेंगे, लोगों की जरूरतों की वकालत करेंगे और सुशासन के सिद्धांतों को कायम रखेंगे। आगे बढ़ते रहो!
बता दें कि तिरुवनंतपुरम में 2020 के निकाय चुनाव में एलडीएफ ने शानदार जीत दर्ज की थी। LDF ने 52 वार्डों पर अपना कब्जा जमाया था। वहीं NDA को महज 33 वार्ड मिले थे। इसके अलावा 10 वार्डों में UDF ने जीत हासिल की थी।
वहीं नतीजों पर CPI(M) के स्टेट सेक्रेटरी एमवी गोविंदन ने कहा, “LDF को अचानक झटका लगा है। सभी लेवल पर डिटेल्ड रिव्यू किया जाएगा और ज़रूरी सुधार किए जाएंगे। केरल में LDF का समय पर सुधार करके आगे बढ़ने का इतिहास रहा है, और इसने 2010 की हार को असरदार तरीके से पार कर लिया था। लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट के बेस में कोई बुनियादी कमी नहीं आई है। UDF ने कम्युनल ताकतों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा।”
Updated on:
13 Dec 2025 08:06 pm
Published on:
13 Dec 2025 08:06 pm
