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केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला बिल लोकसभा में पास, विपक्ष के हंगामे के बीच हुआ पारित

Kerala Name Change Keralam Bill 2026: लोकसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला केरल (Alteration of Name) Bill, 2026 ध्वनिमत से पारित हो गया। इससे पहले केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को नाम बदलने का प्रस्ताव पारित किया था।
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भारत

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Harshul Mehra

Aug 11, 2026

kerala name change keralam bill 2026 lok sabha

केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला बिल लोकसभा में पास। फोटो- वीडियो ग्रैब

Kerala Name Change Keralam Bill 2026: केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने वाला केरल (Alteration of Name) Bill, 2026 मंगलवार को लोकसभा में ध्वनिमत से पारित हो गया। बिल के पारित होने के दौरान विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे।

‘केरल’ से ‘केरलम’ होगा राज्य का नाम

इस विधेयक में केरल राज्य का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच लोकसभा में यह विधेयक पेश किया। विपक्षी सांसद 20 जुलाई को NEET प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी और बयान की मांग कर रहे थे।

विपक्ष की नारेबाजी के बीच बिल पेश

विधेयक पेश किए जाने के दौरान सदन में लगातार हंगामा जारी रहा। कृष्ण प्रसाद टेन्नेटी, जो उस समय पीठासीन थे उन्होंने विपक्षी सांसदों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने का आग्रह किया। हालांकि, विपक्ष की नारेबाजी जारी रही।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने केरल का नाम बदलने वाले विधेयक पर चर्चा नहीं होने को लेकर विपक्ष की आलोचना की। रिजिजू ने कहा कि यह दुखद है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल भी इस विधेयक पर बोलने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।

बिना चर्चा ध्वनिमत से पास हुआ बिल

जब सदन में हंगामा नहीं रुका तो केरल का नाम बदलने वाला विधेयक बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।

फरवरी में केंद्रीय कैबिनेट ने दी थी मंजूरी

इस साल फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

2024 में केरल विधानसभा ने पास किया था प्रस्ताव

केरल विधानसभा ने 24 जून 2024 को राज्य का नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव पारित किया था। प्रस्ताव में कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम ‘केरलम’ है। इसमें यह भी कहा गया कि राज्यों का गठन 1 नवंबर 1956 को भाषा के आधार पर किया गया था और 1 नवंबर को केरल पिरवी दिवस भी मनाया जाता है।

प्रस्ताव में कहा गया था कि देश के स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही मलयालम बोलने वाले लोगों के लिए संयुक्त केरल के गठन की मजबूत मांग रही है। हालांकि, संविधान की पहली अनुसूची में राज्य का नाम ‘केरल’ दर्ज है। केरल विधानसभा ने केंद्र सरकार से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत राज्य का नाम ‘केरलम’ करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की थी।

केंद्र से संविधान की पहली अनुसूची में बदलाव की मांग

इसके बाद केरल सरकार ने केंद्र सरकार से संविधान की पहली अनुसूची में संशोधन कर ‘केरल’ का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया। अब लोकसभा में केरल (Alteration of Name) Bill, 2026 के पारित होने के साथ राज्य के नाम में बदलाव की प्रक्रिया आगे बढ़ी है।