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‘खून से तिलक करो, गोलियों से आरती’: स्कूल में बच्चों की प्रेयर का वीडियो वायरल, प्रशासन में मचा हड़कंप

जम्मू-कश्मीर के डोडा स्कूल में 'खून से तिलक' वीडियो विवाद पर प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। आरोपी शिक्षक का वेतन रोक दिया है और तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।

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Doda school video

डोडा स्कूल में 'खून से तिलक' वीडियो विवाद (फाइल फोटो)

Doda School Video" जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक सरकारी स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों द्वारा 'खून से तिलक करो, गोलियों से आरती' गाने का वायरल वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। चिनाब क्षेत्र के अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया, शिक्षा विभाग ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की और आरोपी शिक्षक का वेतन रोक दिया। यह घटना सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील डोडा में हुई, जहां 53% मुस्लिम और 47% हिंदू आबादी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

सरकारी मिडिल स्कूल (GMS) सिचल में 6 नवंबर को सुबह की प्रार्थना के दौरान छह साल के नाबालिग लड़के-लड़कियां 'पुकारती मां भारती, खून से तिलक करो, गोलियों से आरती' गाते नजर आए। वीडियो में शिक्षक कहते सुनाई देते हैं, 'आज 6 नवंबर है, स्कूल में नया वर्गीकरण हुआ है। बच्चे आ गए हैं, प्रार्थना चल रही... जय हिंद, जय भारत।' स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राजा शकील ने इसे 'चरमपंथी और हिंसक' बताते हुए फेसबुक पर साझा किया, जो वायरल हो गया।

शिकायत और विभागीय कार्रवाई

शकील ने डोडा के मुख्य शिक्षा अधिकारी (CEO) इकबाल हुसैन के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई, जिसमें छोटे बच्चों पर इस गीत के मनोवैज्ञानिक प्रभाव पर चिंता जताई गई। CEO के आदेश में कहा गया, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में GMS सिचल के छात्र नाबालिगों के लिए गलत प्रार्थना पढ़ रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की समिति गठित की जाती है। समिति को दो दिनों में तथ्यात्मक रिपोर्ट, टिप्पणियां और सिफारिशें सौंपने का निर्देश है। जांच पूरी होने तक शिक्षक का वेतन रोका गया।

CEO का बयान: त्वरित कदम

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में CEO हुसैन ने कहा, 'हमने तुरंत कार्रवाई की। समिति गठित कर दी और वेतन रोक दिया। जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे निर्णय लेंगे।' उन्होंने जोर दिया कि स्कूलों में शांति और समावेशिता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।