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Lamgaon Hanuman Temple: मन्नत पूरी हुई तो खुशी से झूम उठा श्रद्धालु, लमगांव हनुमान मंदिर में चढ़ाया 11 लाख का स्वर्ण मुकुट

Gold crown Offered in Hanuman temple: सरगुजा जिले के लमगांव में स्थित है हनुमान जी का मंदिर, जशपुर जिले के पत्थलगांव निवासी व्यक्ति ने मन्नत पूरी होने पर किया गुप्त दान
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Gold crown offered in Lamgaon Hanuman Temple

Lamgaon Hanuman Temple, हनुमान मंदिर में चढ़ाया गया सोने का मुकुट (Photo- Patrika)

बतौली। जशपुर जिले के पत्थलगांव निवासी एक हनुमान भक्त की मन्नत पूरी हो गई तो वह व उसका परिवार खुशी से झूम उठा। फिर उसने भगवान का धन्यवाद करते हुए सरगुजा जिले के लमगांव स्थित हनुमान मंदिर (Hanuman Temple) में करीब 11 लाख रुपए मूल्य का सोने का मुकुट चढ़ाया। इस चढ़ावे की खास बात यह रही कि उसने अपना नाम उजागर न करते हुए गुप्त दान किया है। मंदिर प्रबंधन की ओर से इस गुप्त दान के लिए श्रद्धालु को धन्यवाद दिया गया है। बता दें कि लमगांव स्थित हनुमान जी की प्रतिमा सरगुजा समेत प्रदेशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि यहां आकर जो भी श्रद्धालु मन्नत मांगता है, वह पूरी होती है।

बताया जा रहा है कि हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर पत्थलगांव निवासी उक्त भक्त लमगांव हनुमान मंदिर पहुंचे थे। उस समय वे किसी व्यक्तिगत समस्या को लेकर काफी परेशान थे। उन्होंने मंदिर में हनुमान जी (Lord Haunman Idol) के समक्ष मन ही मन अपनी परेशानी रखी और समस्या दूर होने की प्रार्थना की।

भक्त का विश्वास है कि बजरंगबली की कृपा से कुछ ही महीनों में उनकी परेशानी दूर हो गई। इसी खुशी और श्रद्धा के चलते उन्होंने लमगांव पहुंचकर बजरंग बली को गुप्त रूप से सोने का मुकुट (Gold crown offered) अर्पित कर दिया। इस मुकुट की कीमत करीब 11 लाख रुपए बताई जा रही है।

Lamgaon Hanuman Mandir: जानिए, लमगांव हनुमान मंदिर के बारे में

लमगांव स्थित हनुमान मंदिर सरगुजा जिले में अंबिकापुर-रायगढ़ नेशनल हाइवे पर स्थित एक प्रसिद्ध चमत्कारी स्थल है। यह स्थल अंबिकापुर से करीब 18 किमी दूर है। यहां बजरंग बली की स्वयं प्रकट प्रतिमा है। इस प्रतिमा के बारे में मान्यता है कि इसका आकार लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इसकी पुष्टि भी की है। उनका कहना है कि यह मूर्ति एक पेड़ से प्रकट हुई थी। इसके बाद से लगातार इसका आकार बढ़ता जा रहा है।

मंदिर में 24 घंटे रामचरित मानस (Ram Charitmanas) का अखंड पाठ होता है। यह सिलसिला पिछले कई वर्षों से चला आ रहा है। इसके अलावा यहां अखंड ज्योति भी प्रज्जवलित होती रहती है। यहां हर मंगलवार व शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से मन्नत मांगता है, हनुमान की कृपा से वह 1 साल के भीतर पूरी हो जाती है। यह स्थल सरगुजा, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र है।

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