
शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने थाने में किया सरेंडर
Shiv Sena Corporator Ramesh Mhatre Surrender: महाराष्ट्र के अस्पताल में महिला डॉक्टर से मारपीट करने के आरोपी शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे (Ramesh Mhatre) ने रविवार को पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इससे एक दिन पहले ही बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी। सरेंडर के बाद अदालत ने उन्हें 3 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बॉम्बे हाईकोर्ट की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे (Ravindra Ghuge) और जस्टिस गौतम अंखड़ (Gautam Ankhad) की खंडपीठ ने कल्याण मजिस्ट्रेट कोर्ट द्वारा दी गई म्हात्रे की जमानत को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने इस तथ्य को नजरअंदाज किया कि आरोपी का नाम 18 आपराधिक मामलों में दर्ज है, जिनमें हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं।
कोर्ट में पीठ ने कहा कि भले ही म्हात्रे को 17 मामलों में बरी किया जा चुका है, लेकिन अदालत को यह भी ध्यान में रखना चाहिए था कि उनके खिलाफ 18 आपराधिक मामले दर्ज रहे हैं, जिनमें कुछ बेहद गंभीर और जघन्य अपराधों से जुड़े हैं।
अदालत ने डॉक्टरों से 20 जुलाई को प्रस्तावित हड़ताल पर पुनर्विचार करने की अपील की है। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र में 24 घंटे के चिकित्सा सेवा बंद का ऐलान किया है।
बता दें कि 6 जुलाई को ठाणे के एक अस्पताल में रमेश म्हात्रे कथित तौर पर पहुंचे और वहां मौजूद दो डॉक्टरों के साथ मारपीट की। आरोप है कि डॉक्टरों ने एक नवजात बच्चे को NICU में भर्ती करने से इनकार कर दिया था, क्योंकि वहां बेड उपलब्ध नहीं थे।
घटना के बाद म्हात्रे ने मीडिया से बातचीत में अपनी गलती मानने या माफी मांगने से इनकार कर दिया था। उन्होंने दावा किया था कि वह सिर्फ एक महिला और उसके बच्चे की मदद करने गए थे।
म्हात्रे ने कहा था कि मैंने महिला डॉक्टर पर हमला नहीं किया। मैंने सिर्फ उनका हाथ हटाने के लिए मारा था, क्योंकि वह हमारी बात नहीं सुन रही थीं और फोन पर बात कर रही थीं। मैंने सिर्फ उनका फोन हटाने की कोशिश की थी।
Updated on:
19 Jul 2026 05:14 pm
Published on:
19 Jul 2026 05:14 pm
