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महुआ मोइत्रा पर फेंके गए अंडे, भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप, TMC सांसद बोलीं- आजादी के सेनानी की तरह गोलियां झेलीं

Mahua Moitra : पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके।
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भारत

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kamlesh sharma

Sep 16, 2026

Mahua Moitra

Photo-x/MahuaMoitra

Mahua Moitra News: कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा को विरोध का सामना करना पड़ा। तेहट्टा थाना क्षेत्र के नटना में एक बैठक के लिए पहुंचीं महुआ मोइत्रा को कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने घेर लिया। इस दौरान काले झंडे दिखाए गए और 'गो बैक' के नारे लगाए गए। महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि जब वह वहां से निकल रही थीं, तब उन पर अंडे फेंके गए।

महुआ बोलीं- पुलिस को पहले ही दी थी सूचना

घटना के बाद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर पश्चिम बंगाल पुलिस को भी सवालों के घेरे में लिया। उन्होंने लिखा कि वह अपने संसदीय क्षेत्र में एक बैठक के लिए पहुंची थीं और इसकी जानकारी पहले ही पुलिस को दी गई थी।

महुआ ने आरोप लगाया कि पुलिस की मदद से भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन पर अंडे फेंके। उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने इस स्थिति का सामना उसी तरह किया, जैसे कोई स्वतंत्रता सेनानी गोलियों का सामना करता है।

बता दें कि 1 जुलाई 2026 को नादिया के कल्याणीगंज/पलाशी इलाके में महुआ मोइत्रा के एक कार्यक्रम के दौरान अंडे और सब्जियां फेंके जाने की घटना सामने आई थी। महुआ ने तब भी भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाया था और पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया था।

सुप्रीम कोर्ट में भी उठा था अंडे फेंके जाने का मुद्दा

सुप्रीम कोर्ट में भी उन्होंने अंडे फेंके जाने की आशंका का मुद्दा उठाया था। 7 अगस्त को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की पीठ के सामने महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर सुनवाई हुई थी, जिसमें उन्होंने एक मामले में जांच अधिकारी के सामने वर्चुअल माध्यम से पेश होने की अनुमति मांगी थी।

महुआ के वकील ने दलील दी थी कि यदि वह व्यक्तिगत रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होती हैं तो उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि अंडे फेंके जाने से डरने की क्या जरूरत है और स्वतंत्रता सेनानियों का उदाहरण देते हुए टिप्पणी की थी।