12 जून 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सांसदी जाने के बाद महुआ की बढ़ी मुश्किलें, अब इस वजह से मिला नोटिस

Mahua Moitra: शहरी विकास मंत्रालय ने महुआ मोइत्रा को एक नोटिस भेजा है, जिसमें उनके सरकार आवास को 30 दिनों के भीतर खाली करने को कहा गया है।

less than 1 minute read
Google source verification
Mahua Moitra has received notice to vacate official residence

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पहले कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया, अब लोकसभा की आवास कमेटी ने उनको आवांटित सरकारी आवास को खाली कराने ने लिए शहरी विकास मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। दरअसल, टीएमसी नेता महुआ को शहरी विकास मंत्रालय ने स्पेशल कोटा के जरिए सरकारी आवास मुहैया कराया था।

निष्कासन के बाद पहुंची सुप्रीम कोर्ट

बता दें कि सवाल के बदले रिश्वत मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने आठ दिसंबर को सदन में अपनी रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी। जिसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने रिपोर्ट के आधार पर महुआ की सदस्यता रद्द की थी। महुआ मोइत्रा अपने निष्कासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

भाजपा एमपी निशिकांत दुबे ने उठाया था मुद्दा

बता दें कि इसी साल 15 अक्टूबर को भारतीय जनता पार्टी के सासंद निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र लिख महुआ के खिलाफ संसद में सरकार और अड़ानी ग्रुप के खिलाफ सवाल पूछने के बदले रिश्वत और महंगे गिफ्ट लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने महुआ मोइत्रा को तत्काल प्रभाव से सदन से निलंबित किए जाने की मांग की थी। पत्र में आगे कहा गया था कि पूरी पड़ताल एक एडवोकेट जय अनंत देहाद्रई ने की है, जिसमें 50 से ज्यादा बिजनेसमैन से लिंक होने का खुलासा हुआ है।
यह भी पढ़ें: भारत में 'मनी हीस्ट’...पीएम मोदी ने धीरज साहू के सहारे कांग्रेस पर बोला हमला, वीडियो शेयर कर कही ये बात

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग