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Maintenance Act 125 : कामचोरी को बढ़ावा नहीं देता कानून, कमाने वाली महिलाएं पतियों से न मांगें भरण-पोषण: High Court

Maintenance under 125: दिल्ली हाईकोर्ट में एक महिला की मेंटेनेंस की मांग वाली याचिका नामंजूर कर दी गई।

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Delhi High Court News

Delhi High Court

Maintenance Act 125: दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने एक मामले के फैसले में कहा कि कानून कामचोरी को बढ़ावा नहीं देता। योग्य और कमाने वाली महिलाओं को अपने पतियों से मेंटेनेंस (भरण-पोषण) की मांग नहीं करनी चाहिए। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें योग्य और कमाने की क्षमता वाली महिला को अंतरिम भरण-पोषण देने से इनकार कर दिया था। महिला का याचिका खारिज कर दी गई।

मेंटिनेंस सुरक्षा प्रदान कराता है, आलस्य को नहीं : हाईकोर्ट

Maintenance under Section 125 CRPC : जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 (पत्नी, बच्चों और माता-पिता को मेंटेनेंस के लिए आदेश) में पति-पत्नी के बीच समानता बनाए रखने और पत्नी, बच्चों, माता-पिता को सुरक्षा प्रदान करने का विधायी इरादा है। यह ‘आलस्य’ को बढ़ावा नहीं देता। उन्होंने कहा, सुशिक्षित पत्नी, जिसे उपयुक्त लाभकारी नौकरी का अनुभव हो, उसे पति से गुजारा भत्ता पाकर निष्क्रिय नहीं होना चाहिए।
शिक्षित और सक्षम

क्यों की कोर्ट ने महिला की याचिका खारिज?

कोर्ट ने कहा कि अशिक्षित महिलाएं बुनियादी जीविका के लिए पूरी तरह पति पर निर्भर रहती हैं, लेकिन याचिकाकर्ता महिला शिक्षित है। आत्मनिर्भर बनने के लिए वह अच्छी नौकरी की तलाश कर सकती है। कोर्ट मानती है कि वह कमाने में सक्षम है।

यह है मामला

याचिकाकर्ता महिला शादी के बाद 2019 में पति के साथ सिंगापुर चली गई थी। वह 2021 में भारत लौट आई। उसने पति और उसके परिजनों पर क्रूरता का आरोप लगाया। उसने पति से भरण-पोषण के लिए याचिका दायर की। फैमिली कोर्ट में याचिका खारिज होने पर उसने हाईकोर्ट का रुख किया।