
मणिपुर हिंसा : चार जिलों में कर्फ्यू में ढील दी गई, मोबाइल-इंटरनेट सेवा 13 मई तक रहेगी बंद
मणिपुर में हिंसा लगातार में सामान्य स्थिति की तरफ बढ़ रहा है। संवेदनशील इलाकों में सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की निगरानी जारी है। अधिकारियों ने सबसे अशांत चुराचांदपुर जिले सहित चार जिलों में मंगलवार सुबह चार घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी। मोबाइल इंटरनेट सेवा 13 मई तक बंद रहेगी। राज्य प्राधिकरण की सलाह पर, जिला प्रशासन ने चार जिलों- इंफाल पश्चिम, थौबल, जिरिबाम और चुराचांदपुर में कर्फ्यू में मंगलवार को चार घंटे की ढील दी, ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें। कर्फ्यू में दी जाने वाली ढील की समीक्षा की जाएगी और मौजूदा कानून व्यवस्था की स्थिति के आकलन के आधार पर इसे अधिसूचित किया जाएगा। इसके साथ ही कई जिलों में सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती जारी रहेगी, मोबाइल इंटरनेट बंद रहेगा और सीआरपीसी, 1973 की धारा 144 के तहत जनता कर्फ्यू लागू रहेगा। जिसमें किसी भी व्यक्ति को उसके घर से बाहर निकलने पर रोक है।
मणिपुर हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 41 हुई - मणिपुर सुरक्षा सलाहकार
मणिपुर सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने बताया कि, मणिपुर की स्थिति बेहतर हो गई है। लूटे गए हथियारों की खोज की संख्या 215 से बढ़कर 222 हो गई है। काफी लोग चुराचांदपुर से इंफाल आए हैं। और इंफाल से कई लोग चुराचांदपुर गए हैं। इसकी वजह से कैंप में रहे लोगों में अपने घर जाने का अंदेशा खत्म हुआ है। हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 41 हो गई है। कई जगहों पर सामान्यता आई है और कर्फ्यू में भी ढील दी गई है।
फंसे लोगों बचाकर लाया गया - इंफाल पूर्व उपायुक्त
इंफाल पूर्व उपायुक्त खुमनथेम डायना देवी ने कहाकि, चुराचंदपुर और आस-पास के ज़िले में फंसे लोगों को यहां लाया गया है। यहां रह रहे गई लोगों के रिश्तेदार अपने साथ ले गए हैं। प्रशासन ने यहां आए लोगों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की है।
फंसे छात्रों को लेकर विमान दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा
मणिपुर हिंसा में फंसे छात्रों को लेकर एक विमान दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। मणिपुर में बीटेक कर रहे एक छात्र ने बताया, अभी वहां स्थिति ठीक है, लेकिन हम वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे। हम सुरक्षित तो थे लेकिन हम चाह रहे थे कि वहां से सुरक्षित निकल जाए। मैं नवंबर में मणिपुर गया था। अब हम राहत महसूस कर रहे हैं।
क्यों हुई मणिपुर हिंसा?
ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (एटीएसयूएम) द्वारा अनुसूचित जनजाति वर्ग में मेइती समुदाय को शामिल करने की मांग का विरोध करने के लिए 3 मई को 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के दौरान मणिपुर में व्यापक हिंसक झड़पें और आगजनी हुई। एटीएसयूएम ने हाल ही में मणिपुर हाईकोर्ट के उस आदेश का विरोध करने के लिए 10 पहाड़ी जिलों में रैली बुलाई थी, जहां आदिवासियों की आबादी रहती है, जिसमें राज्य सरकार से बहुसंख्यक और मुख्य रूप से हिंदू मेइती समुदाय को एसटी सूची में शामिल करने की मांग के संबंध में केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्रालय को सिफारिश भेजने के लिए कहा।
Updated on:
09 May 2023 06:51 pm
Published on:
09 May 2023 06:50 pm

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