
मणिपुर हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र ने कहा- कर्फ्यू में दी जा रही है ढील, 17 मई को होगी अगली सुनवाई
मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज 8 अप्रैल को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सख्ती दिखाते विस्थापितों के बारे में पूछा कि, राहत कैम्पों में कितने लोग हैं। और उन्हें घर वापस लाया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर और केंद्र सरकार से रिलीफ कैम्प, विस्थापितों के रिहैबिलिटेशन और धार्मिक स्थानों की सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। इस मामले में 10 दिन में अपडेट स्टेटस रिपोर्ट मांगी गई है। साथ मणिपुर और केंद्र सरकार से सुप्रीम कोर्ट ने रिलीफ कैम्प में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की डिटेल मांगी है। अब सुप्रीम कोर्ट इन सभी याचिकाओं पर 17 मई को सुनवाई करेगा। केंद्र और मणिपुर सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अपनी दलीलें पेश की।
दो दिन से नहीं हुई कोई हिंसा - सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि, मणिपुर में बीते दो दिनों में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। और कर्फ्यू में धीरे-धीरे ढील दी जा रही है। राज्य में CAPF की 55 और सेना की 100 से ज्यादा कंपनियां तैनात हैं।
पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए सरकार - सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हिंसा के दौरान विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने राहत शिविरों में उचित व्यवस्था पर जोर दिया है। और सरकार से लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है। ये मानवीय मुद्दे हैं, इसलिए राहत शिविरों में जरूरी इंतजाम किए जाएं।
सॉलिसिटर जनरल ने बताया, पीड़ितों के लिए राहत शिविर बनाए गए
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। पीड़ितों के लिए आवास और भोजन उपलब्ध कराने के लिए राहत शिविर भी बनाए गए हैं।
आदिवासी संगठन के वकील ने कहा, हो सकते हैं हमले
आदिवासी संगठन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि, आदिवासियों पर हमले हो सकते हैं। इस पर CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि, कोर्ट स्थिति को स्थिर करना चाहता है।
सुप्रीम कोर्ट में लगाई गुहार
सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर की स्थिति पर कई याचिकाएं दायर की गई हैं। एक याचिका में मैतेई समुदाय को ST दर्जे के मुद्दे पर हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है। इसके अलावा, एक आदिवासी संगठन ने एक जनहित याचिका दायर करके मणिपुर में हुई हिंसा की घटना की जांच SIT से कराने की गुहार लगाई है।
Updated on:
8 May 2023, 4:35 PM IST
Published on:
8 May 2023, 4:32 PM IST
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