
मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला
Manipur Violence : कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। मुलाकात का मकसद मणिपुर हिंसा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ध्यान दिलाना था। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में 12 मांगें रखी गई हैं। साथ ही कांग्रेस ने राष्ट्रपति से उच्च स्तरीय जांच आयोग के गठन की मांग की। उच्च स्तरीय जांच आयोग में सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड या सेवारत न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित करने का अनुरोध किया। 3 मई को मणिपुर में जातीय हिंसा हुई थी। जिसमें दर्जनों की मौत हुई। मणिपुर हिंसा थम तो गई है, पर हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मणिपुर दौर पर हैं। और 1 मई तक राज्य की स्थितियों का आंकलन करेंगे। और एक कड़ा फैसला लेंगे।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के अगुवा रहे मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। खरगे के अलावा कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, महासचिव मुकुल वासनिक, कांग्रेस के मणिपुर प्रभारी भक्त चरण दास, पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह और कुछ अन्य नेता शामिल थे।
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हर जरूरी कदम उठाए केंद्र सरकार
कांग्रेस ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि चरमपंथी संगठनों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार को हर जरूरी कदम उठाना चाहिए तथा लापता लोगों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान चलाना चाहिए। साथ ही विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार को उचित कदम उठाना चाहिए।
12 बिंदुओं का एक्शन प्लान सौंपा
कांग्रेस ने बताया कि आज मल्लिकार्जुन खरगे ने 4 पन्नों का एक ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा। इसमें हमने मांग की है कि मणिपुर में क्या कार्रवाई होनी चाहिए। जो ज्ञापन हमने सौंपा हैं उसमें 12 बिंदुओं का एक्शन प्लान है कांग्रेस की तरफ से जिससे मणिपुर में फिर से शांति और सद्भावना वापस लौट आए।
प्रधानमंत्री क्या कर रहे हैं? - केशम मेघचंद्र
मणिपुर पीसीसी अध्यक्ष केशम मेघचंद्र ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किए कि मणिपुर में अशांति के परिणामस्वरूप निर्दोष लोग मारे गए हैं, घरों को आग के हवाले कर दिया गया है और राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया है। प्रधानमंत्री क्या कर रहे हैं? भाजपा सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक उपाय नहीं कर रही है।
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मणिपुर दौरे पर है अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज्य के दौरे पर हैं। अमित शाह राज्य के चार दिवसीय यात्रा पर मणिपुर पहुंचे है। यहां वह शांति बहाल करने के उद्देश्य से अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। मणिपुर में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से शाह की यह राज्य की पहली यात्रा है।
मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा, 75 की मौत
मैतेई समुदाय ने अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के विरोध में 3 मई को पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद मणिपुर में भड़की जातीय हिंसा में 75 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। गत रविवार की हिंसा में भी कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है।
मणिपुर में मैतेई समुदाय की आबादी करीब 53 प्रतिशत
मैतेई समुदाय मणिपुर की आबादी का करीब 53 प्रतिशत है और समुदाय के अधिकतर लोग इंफाल घाटी में रहते हैं। नगा और कुकी समुदायों की संख्या कुल आबादी का 40 प्रतिशत है और वे पर्वतीय जिलों में रहते हैं।
सेना-असम राइफल्स की 140 टुकड़ियां तैनात
भारतीय सेना और असम राइफल्स की लगभग 140 टुकड़ियां पूर्वोत्तर के राज्य में स्थिति सामान्य करने के प्रयास में जुटी हैं। हर टुकड़ी में 10,000 कर्मी होते हैं। इसके अलावा अन्य अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को भी तैनात किया गया है।
Updated on:
30 May 2023 02:57 pm
Published on:
30 May 2023 02:51 pm

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