
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव
Bihar Politics: राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर तगड़ा जुबानी वार किया है। उन्होंने बीजेपी और एनडीए को आरक्षणखोर व महाचोर बताया और पीएम मोदी पर कटाक्ष किया। दरअसल, सोमवार को पीएम मोदी बिहार के भागलपुर पहुंचे थे। यहां उन्होंने एक रैली को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम ने बिहार में उपजने वाले मखाना का भी जिक्र किया था।
लालू ने भागलपुर की जनसभा में साल में 300 दिन मखाना खाने संबंधी पीएम के बयान पर कटाक्ष करते हुए बुधवार को ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘अबकी बार तो हमारे सवालों पर प्रधानमंत्री ने साल में 300 दिन ही मखाना खाने की बात कही है। अगली बार 350 दिन ‘बिहारी भूंजा’ खाएंगे। 100 दिन भागलपुरी सिल्क पहनेंगे। छठ मैया का व्रत करेंगे और गंगा मैया में डुबकी लगाएंगे।’
राजद अध्यक्ष ने कहा, ‘मोदी अगली बार बिहार आएंगे तो जानकी मैया के मंदिर जाएंगे। बिहार से बचपन का रिश्ता स्थापित करेंगे। मधुबनी पेंटिंग्स का गमछा या कुर्ता पहनेंगे। भोजपुरी, मगही, अंगिका, बज्जिका, सुरजापुरी और मैथिली भाषा की दो-चार उधारी लाइनों से संबोधन की शुरुआत करेंगे तथा जननायक कर्पूरी ठाकुर, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और अन्य महापुरुषों से संबंध बताएंगे।’
लालू प्रसाद यादव ने एक और एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बीजेपी-एनडीए आरक्षण की महाचोर पार्टी है। ये दलितों/आदिवासियों, पिछड़ों और अतिपिछड़ों के असल दुश्मन है। बिहार में बीजेपी-नीतीश मिलकर 16% आरक्षण की दिनदहाड़े चोरी ही नहीं कर रहे बल्कि आरक्षित वर्गों की लाखों नौकरियों की डकैती कर रहे है।
लालू प्रसाद यादव की एक्स की पोस्ट पर कई यूजरों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। मदनलाल राठौर उज्जैन नाम के एक यूजर ने लिखा- मखाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है चारा खाने से, जंगलराज के गुंडों को सत्ता कभी नहीं मिलेगी। वहीं जितेश कुमार नाम के एक यूजर ने लिखा कि बिहार वालों याद रखना, पीएम मोदी बिहार के मखाने को प्रमोट करने में लगे है, वही इंडी वाले नहीं चाहते बिहार का मखाना दुनिया में नाम कमाए।
मोहित शर्मा नाम के यूजर ने लालू प्रसाद यादव की पोस्ट पर कमेंट करते हुए लिखा कि बिहार के लोगो को तय करना होगा की उन्हें आरक्षण चाहिए या विकास, आरक्षण सिर्फ सरकारी नौकरी में मिलता है जो की साल मे सिर्फ एक से दो लाख होती है। बिहार में करोड़ो लोग बेरोजगार है और सरकारी नौकरी से सिर्फ कुछ प्रतिशत लोगो का भला होगा। असली विकास के लिए उन्हें प्राइवेट नौकरी और निवेश की जरूरत है जो आरक्षण व्यवस्था के होते हुए कभी नहीं आयेगा। देश के हर समृद्ध राज्य में समृद्धि का कारण प्राइवेट जॉब और प्राइवेट सेक्टर है न की सरकारी नौकरी। पिछड़ो और दलितों की बेरोजगारी में संख्या करीब करीब दो करोड़ है और दो लाख सरकारी नौकरी से किसी का भला नहीं होगा। ये बात अनपढ़ तेजस्वी, या जेडीयू और बीजेपी नहीं समझती।
Updated on:
26 Feb 2025 06:39 pm
Published on:
26 Feb 2025 06:39 pm
