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PM मोदी बोले- गारंटी दे दूंगा, क्रेडिट ले लो, फोटो छपवा देंगे, लेकिन महिलाओं का हक दे दो

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' विधेयक पेश नहीं हो सका। इस बिल को लेकर PM मोदी ने विपक्षी दलों से खास अपील की है, वहीं कांग्रेस ने सरकार पर लोगों की आंखों में धूल झोंकने का आरोप लगाया है।

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भारत

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Vinay Shakya

Apr 18, 2026

Prime Minister Narendra Modi (4)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Photo- IANS)

Women Reservation Bill: महिला आरक्षण के लिए 131वें संविधान संशोधन का बिल सदन में पास नहीं हो सका। संसद में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पर चर्चा के दौरान पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। लंबे समय तक चली चर्चा के दौरान संसद में वोटिंग के समय पहले राउंड में 528 सांसदों ने वोट डाले, जिनमें 298 ने बिल के पक्ष में मतदान किया और 230 ने बिल के विरोध में मतदान किया। महिला आरक्षण बिल खारिज होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा बयान दिया है।

PM मोदी का अश्वासन- इस बिल से किसी को नुकसान नहीं

नारी शक्ति वंदन अधिनियम (Nari Shakti Vandan Act) से जुड़ा131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा (Lok Sabha) में खारिज हो गया है। इस बिल पर चर्चा के दौरान PM मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण के लिए लाए गए संविधान संशोधन से दक्षिण, उत्तर, पूरब, पश्चिम हो या छोटे बड़े राज्य, किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा। जो परिसीमन पहले जिस अनुपात में हुआ वह नहीं बदलेगा।

PM मोदी बोले- क्रेडिट ले लो, गारंटी ले लो, लेकिन महिलाओं को हक दे दो

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा के दौरान PM ने कहा कि मोदी की गारंटी चाहिए ले लो, लेकिन जब नियत साफ है तो फिर शब्दों का खेल करने की हमें जरूरत नहीं है। मोदी ने कहा कि हमें क्रेडिट नहीं चाहिए, विधेयक पारित हो जाए तो सरकारी खर्च पर विज्ञापन देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं। सबकी फोटो छपवा देंगे, सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक ले लें, लेकिन बिल का समर्थन करें, महिलाओं को उनका हक दें।

महिलाओं के अधिकार का विरोध करने वालों की बुरी गत हुई

सदन में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने कहा- पहले जिसने भी महिलाओं के इस अधिकार का विरोध किया, जनता ने उनकी बुरी गत की। इसलिए अब इसका कोई विरोध नहीं करता है। दशकों तक यह काम रोकने का प्रायश्चित करने व पाप से मुक्ति पाने का यह समय है। PM मोदी ने सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि इस विधेयक को राजनीतिक तराजू से नहीं तौले। यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का है।

महिला आरक्षण बिल में मोदी का राजनीतिक स्वार्थ

PM मोदी ने कहा- कुछ लोगों को लगता है कि इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है। इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा। अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा। पहले 2023 में चर्चा कर रहे थे, तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी लागू करो। अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं, लेकिन अब इसका विरोध हो रहा है।

महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी आजादी के पहले से महिला अधिकारों का समर्थन करती आई है। साल 2023 में मोदी सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल का भी कांग्रेस ने समर्थन किया था। आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी, लेकिन अब सरकार 543 में से महिलाओं को 33% आरक्षण क्यों नहीं दे रही? देश की महिलाओं के नाम पर देश के बुनियादी ढांचों से खिलवाड़ नहीं हो सकता।

असली मुद्दा परिसीमन, सरकार आंखों में धूल झोंक रही

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि संसद को कमजोर करके सत्ता कायम रखने की साजिश हो रही है। महिला आरक्षण लागू करने के लिए सीटों की संख्या 50% बढ़ाना व परिसीमन के ड्राफ्ट को ऊपर से देखने में कोई समस्या नहीं है। असल मामला विधेयक की टाइमिंग और परिसीमन है। प्रियंका ने असम में परिसीमन का उदाहरण देते हुए कहा कि PM के खोखले आश्वासनों के बावजूद संसद में राज्यों की मौजूदगी बदल जाएगी। परिसीमन आयोग में सरकार द्वारा चुने गए 3 लोग देश के लोकतंत्र को खत्म करेंगे। अगर ये बिल पास होता है देश में लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। मौजूदा सरकार जनता की आंखों में धूल झोंक रही है।