
Rouse Avenue Court: राउज एवेन्यू कोर्ट में NEET पेपर लीक केस की सुनवाई आगे बढ़ी (फोटो सोर्स: in.worldorgs.com)
NEET UG Latest Update: लाखों मेडिकल परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नीट यूजी पेपर लीक मामले में कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी मुख्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 10 अगस्त तक बढ़ा दी है। जांच एजेंसियों द्वारा दाखिल दस्तावेजों और चार्जशीट की बारीकी से जांच अब पूरी हो चुकी है। अब पूरे देश की नजरें अदालत के अगले रुख पर टिकी हैं, जहां संज्ञान पर फैसला आते ही आरोपियों पर सीधे आरोप तय (Charge Frame) करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा में सामने आई धांधली और पेपर लीक मामले ने पूरे देश के छात्रों और अभिभावकों को हिलाकर रख दिया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और अन्य जांच एजेंसियां गहनता से छानबीन कर रही हैं।
बुधवार को दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष अदालत में इस मामले की अहम सुनवाई हुई:
हिरासत का विस्तार: अदालत ने मामले के सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि को बढ़ाते हुए 10 अगस्त तक जेल में ही रखने का निर्देश दिया है।
चार्जशीट की जांच पूरी: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सीबीआई द्वारा दाखिल की गई हजारों पन्नों की चार्जशीट और उससे जुड़े दस्तावेजों (Document Scrutiny) का पुनरीक्षण और सत्यापन का काम पूरा कर लिया गया है।
संज्ञान पर आदेश कल: अदालत संभवतः कल (7 अगस्त) को इस चार्जशीट पर औपचारिक संज्ञान (Cognizance) ले सकती है।
आगे की प्रक्रिया: संज्ञान लिए जाने के तुरंत बाद, अदालत सभी अभियुक्तों के खिलाफ धाराओं के तहत आरोप तय करने (Hearing Arguments on Charge) पर बहस सुनेगी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीबीआई ने देश के कई राज्यों में छापेमारी कर बड़ा जाल बिछाया था। इस जांच में अब तक कई बड़े खुलासे हुए हैं:
| विवरण | प्रमुख बिंदु / तथ्य |
| चार्जशीट | सीबीआई ने अदालत में 20,000 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सैकड़ों गवाहों के बयान शामिल हैं। |
| आरोपियों की प्रोफाइल | गिरफ्तार आरोपियों में प्रश्न पत्र लीक करने वाले सॉल्वर गैंग के सदस्य, कोचिंग संस्थानों के संचालक और बिचौलिए शामिल हैं। |
| कड़े कानून के तहत कार्रवाई | आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अलावा 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024' के तहत सख्त धाराएं लगाई गई हैं। |
लाखों छात्रों की निगाहें अब 7 और 10 अगस्त की अदालती कार्रवाई पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ ट्रायल किस गति से आगे बढ़ता है।
Updated on:
06 Aug 2026 01:02 pm
Published on:
06 Aug 2026 01:02 pm
