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New Year 2023 देश की राजनीति के लिए रहेगा बेहद अहम, इन घटनाओं का पड़ेगा दूर तलक असर

भारतीय राजनीति के लिए भी नया साल 2023 बेहद अहम है। नए साल 2023 में कई ऐसी सियासी घटनाएं होने वाली हैं, जिसका असर लम्बे अरसे तक भारतीय राजनीति में दिखेगा। भाजपा के लिए वर्ष 2022 मिला जुला रहा पर साल 2023 बेहद अहम है।

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New Year 2023 देश की राजनीति के लिए रहेगा बेहद अहम, इन घटनाओं का पड़ेगा दूर तलक असर

साल 2022 की विदाई हो गई। आज नव वर्ष 2023 के जनवरी माह की पहली तारीख है। हर जगह नव वर्ष का स्वागत किया जा रहा है। नव वर्ष जहां तमाम उम्मीदें लेकर आया है वहीं कई चुनौतियां भी राह में हैं। जिनका डटकर मुकाबला करने की तैयारी की जा रही है। भारतीय राजनीति के लिए भी नया साल 2023 बेहद अहम है। नए साल 2023 में कई ऐसी सियासी घटनाएं होने वाली हैं, जिसका असर लम्बे अरसे तक भारतीय राजनीति में दिखेगा। भाजपा के लिए वर्ष 2022 मिला जुला रहा पर साल 2023 बेहद अहम है। इस साल में 9 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राजनीतिक पंड़ितों का मानना है कि, यह लोकसभा चुनाव 2024 का सेमीफाइनल है। कांग्रेस एक बार फिर से जनता के दिल को टटोल रही है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का कई राजनीतिक पार्टियों पर असर पड़ रहा है। भाजपा के मन में भी कुछ बैचेनी है। भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए विपक्ष एकजुट हो रहा है। पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने खेला होबे का ऐलान किया है तो तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव ने मुकाबले के लिए राष्ट्रीय पार्टी बना डाली। आम आदमी पार्टी की लगातार मिल रही सफलता भाजपा के दुर्ग में सेंध लगाने जैसी है।

वर्ष 2023 में 9 विधानसभा चुनाव होंगे

साल 2023 में 9 प्रमुख राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इन राज्यों में कर्नाटक, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मेघालय, त्रिपुरा, नागालैंड और मिजोरम शामिल हैं। इन चुनावों में भाजपा और कांग्रेस का बहुत कुछ दांव पर लगेगा। यह विधानसभा चुनाव, आम चुनाव 2024 का लिटमस टेस्ट साबित होगा। इन राज्यों में 116 लोकसभा सीटें हैं।

जानें सत्ता पर कौन है काबिज

छत्तीसगढ़, राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। तेलंगाना में के चंद्रशेखर राव काबिज है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक में भाजपा फुल फ्लैश राज्य कर रही है। त्रिपुरा में भाजपा अपनी सहयोगी IPFT के साथ सत्ता में है, जबकि नागालैंड और मेघालय में भाजपा अपने सहयोगियों से छोटी पार्टी है। मिजोरम में मुख्य चुनावी लड़ाई मुख्य रूप से कांग्रेस और मिजो नेशनल फ्रंट के बीच है। त्रिपुरा में 2018 में पहली बार भाजपा का कमल खिला था।

कांग्रेस के लिए संजीवनी बन सकती है 'भारत जोड़ो यात्रा'

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 108 दिन में करीब 3000 किमी की दूरी नापते हुए दिल्ली पहुंची। इस यात्रा का पहला चरण पूरा हुआ। दूसरा चरण 3 जनवरी से शुरू होगा। और श्रीनगर जाकर यह यात्रा खत्म होगी। यह तो तय है कि, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लोग राहुल गांधी से जुड़ते हुए साफ़ दिख रहे हैं, लेकिन राजनीतिक तौर पर इससे क्या हासिल हुआ, फ़िलहाल यह तय कर पाना मुश्किल है। पर वर्ष 2023 में इस भारत जोड़ो यात्रा का असर भारतीय राजनीति में दिखेगा जरूर।

बजट बन सकता है तुरुप का पत्ता

2024 लोकसभा चुनाव को अब सिर्फ साल भर बाकी है। आम जनता भाजपा को चुनाव में जीता रही है पर महंगाई ने कमर तोड़ दी है। जिससे आम जनता में कुछ नाराजगी का भाव है। पर मोदी सरकार के पास आम चुनाव 2024 के लिए एक तुरुप का पत्ता है। और वो है फरवरी 2023 और 2024 में पेश किए जाने वाला बजट। इस बजट में मोदी सरकार जमकर जनता के लिए लोक-लुभावने वादे कर सकती है। इन वादों में नौकरी, किसानों की कर्जमाफी, MSP पर फैसला ले सकती है। निश्चिततौर पर ये बजट भारतीय राजनीति में नई अंदाज पेश करेगा।

भाजपा के खिलाफ विपक्ष हो रहा एकजुट

भाजपा का सत्तानाशीन होना अब विपक्ष को बर्दाश्त नहीं है। इसलिए देश की तमाम पार्टियां लामबंद हो रही हैं। चाहे वो नीतीश कुमार हो, ममता बनर्जी, शरद पवार हो या अरविंद केजरीवाल सब एकजुट होने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस इनका अगुवा हो सकता है।

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