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FASTag यूजर्स सावधान! गलती से भी इस लिंक पर न करें क्लिक, बैंक खाता हो सकता है खाली

NHAI FASTag Alert: फास्टैग के एनुअल पास को लेकर इन दिनों बड़े स्तर पर फ्रॉड हो रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी करते हुए बतया कि स्कैम से कैसे बचे।
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भारत

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Shaitan Prajapat

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Updated: 23 Apr 2026, 4:44 PM IST

FASTagAnnualPass

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Fake FASTag Website Scam: नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग (FASTag) के एनुअल पास को लेकर बड़े स्तर पर हो रहे फ्रॉड की चेतावनी जारी की है। फर्जी वेबसाइट्स और अनअधिकृत लिंक्स के जरिए यूजर्स को लुभाकर उनके पैसे हड़पे जा रहे हैं। NHAI की ओर से जारी पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि ऐसे स्कैम से बचने के लिए केवल वेरिफाइड और ऑफिशियल चैनलों का ही इस्तेमाल करें, वरना छोटी सी गलती भी भारी पड़ सकती है।

फास्टैग एनुअल पास की आड़ में फ्रॉड

फ्रॉड का तरीका काफी सोफिस्टिकेटेड है। जालसाज फास्टैग एनुअल पास बेचने का दावा करते हुए फर्जी वेबसाइट्स बनाते हैं, जो ऑफिशियल NHAI पोर्टल जैसी दिखती हैं। ये वेबसाइट्स गूगल सर्च रिजल्ट्स में पेड एडवर्टाइजमेंट और सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) की ट्रिक्स से टॉप पर आ जाती हैं। यूजर्स जब इन पर क्लिक करते हैं तो उन्हें वाहन रजिस्ट्रेशन नंबर, मोबाइल नंबर, बैंक डिटेल्स और पेमेंट क्रेडेंशियल्स जैसे संवेदनशील जानकारी डालने को कहा जाता है। पेमेंट करने के बाद पैसे स्कैमर्स के अकाउंट में चले जाते हैं, लेकिन कोई वैध फास्टैग एनुअल पास जारी नहीं होता। कई मामलों में नकली रसीद या कन्फर्मेशन भेज दी जाती है, जिससे यूजर्स को बाद में पता चलता है कि उनका पैसा डूब गया है।

असली और नकली वेबसाइट्स में अंतर करना मुश्किल

इससे पहले गृह मंत्रालय के इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने भी ऐसी चेतावनी जारी की थी। इसमें बताया गया कि नेशनल हाईवे यूजर्स को निशाना बनाकर ये स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं। असली और नकली वेबसाइट्स में अंतर करना मुश्किल हो गया है क्योंकि स्कैमर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। NHAI ने स्पष्ट कहा है कि फास्टैग एनुअल पास केवल ऑफिशियल राजमार्ग यात्रा (Rajmargyatra) ऐप के जरिए ही उपलब्ध है। कोई अन्य प्लेटफॉर्म या लिंक अनअधिकृत है और इससे वित्तीय नुकसान या व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग का खतरा रहता है।

NHAI की सख्त चेतावनी

NHAI की एडवाइजरी में यूजर्स को सलाह दी गई है कि ऑनलाइन सर्च करते समय स्पॉन्सर्ड लिंक्स या अनजान एड्स पर क्लिक न करें। वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें, क्योंकि फर्जी साइटें अक्सर थोड़े अलग नाम या .net, .org जैसी एक्सटेंशन से बनाई जाती हैं। किसी भी संदिग्ध वेबसाइट पर पर्सनल या पेमेंट डिटेल्स कभी न डालें। अगर साइट गैर-जरूरी परमिशन मांगे या असामान्य लगे तो तुरंत बंद कर दें। OTP, कार्ड डिटेल्स या लॉगिन क्रेडेंशियल्स शेयर करने से बचें।

हर साल हजारों यूजर्स गंवा रहे लाखों रुपये

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्कैम्स में हर साल हजारों यूजर्स लाखों रुपये गंवा रहे हैं। फास्टैग एनुअल पास की सुविधा नेशनल हाईवे पर बार-बार यात्रा करने वालों के लिए सुविधाजनक है, लेकिन इसे खरीदते समय सतर्कता बरतना जरूरी है। NHAI ने सभी हाईवे यूजर्स से अपील की है कि वे केवल Rajmargyatra ऐप या आधिकारिक NHAI वेबसाइट का इस्तेमाल करें।