विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार पर 7 गंभीर आरोप लगा रहे हैं। इन आरोपों में नियुक्ति प्रक्रिया में खामी, पक्षपातपूर्ण व्यवहार, चुनावी अनियमितताएं, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर वोटरों की सूची से नाम काटना, चुनावी धोखाधड़ी की जांच में बाधा डालना और जनता के विश्वास को कमजोर करना शामिल है। विपक्ष इसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाने और लोकतंत्र की रक्षा का मुद्दा बता रहा है।