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CMRL Monthly Payment Case: पिनाराई विजयन, बेटी वीणा और दामाद रियास पर FIR की मांग, ED ने DGP को भेजा पत्र

CMRL Monthly Payment Case: CMRL मंथली पेमेंट केस में ED ने पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और मोहम्मद रियास के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की है। एजेंसी ने DGP को जांच से जुड़े सबूत भी भेजे हैं।
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भारत

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Harshul Mehra

Sep 08, 2026

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पिनाराई विजयन, बेटी वीणा और दामाद रियास पर FIR की मांग। फोटो-IANS

CMRL Monthly Payment Case: केरल की राजनीति में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य के पुलिस प्रमुख से CMRL मंथली पेमेंट केस में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी टी. वीणा और उनके पति एवं पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।

ED ने राज्य के DGP रवाड़ा चंद्रशेखर को भेजे पत्र में अपनी जांच के दौरान सामने आए सबूतों और CMRL-Exalogic लेनदेन से जुड़ी जानकारियां भी साझा की हैं। एजेंसी ने वीणा और रियास के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है।

CPI-M की अहम बैठक से ठीक पहले आया ED का पत्र

इस घटनाक्रम का समय CPI-M के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। ED का पत्र उस समय सार्वजनिक हुआ, जब पार्टी का शीर्ष राज्य नेतृत्व बंद कमरे में बैठक कर रहा था। पार्टी शनिवार से कोझिकोड में शुरू होने वाली तीन दिवसीय विस्तारित राज्य समिति की बैठक की तैयारियों को अंतिम रूप दे रही थी। इस बैठक में करीब 300 पार्टी नेता शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में CPI-M के चुनावी प्रदर्शन और पार्टी की हार के कारणों पर चर्चा होनी है। ऐसे समय में ED की कार्रवाई ने पार्टी नेतृत्व के सामने एक नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।

ED ने सिर्फ पिनाराई विजयन के खिलाफ नहीं मांगी कार्रवाई

ED ने केवल पिनाराई विजयन के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग नहीं की है। एजेंसी ने CMRL और वीणा की IT कंपनी Exalogic Solutions के बीच हुए लेनदेन की जांच से जुटाए गए सबूतों का विवरण भी DGP को भेजा है। ED ने वीणा और रियास के खिलाफ भी Prevention of Corruption Act के तहत कार्रवाई की मांग की है। केंद्रीय एजेंसी का आरोप है कि CMRL की ओर से किए गए भुगतान किसी वास्तविक सेवा से जुड़े नहीं थे। जांच के दौरान जुटाए गए बयानों, दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों पर ED ने अपनी कार्रवाई को आधारित किया है।

गृह मंत्री ने कहा- DGP को ED का पत्र मिल चुका है

राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बताया कि पुलिस प्रमुख ने उन्हें ED का पत्र मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा, "मैंने राज्य के पुलिस प्रमुख से बात की। उन्होंने मुझे 10 मिनट पहले बताया कि उन्हें ED से पत्र मिल गया है। अब उन्हें इसे देखना होगा और आगे की कार्रवाई तय करनी होगी। हम उनके कार्रवाई करने का इंतजार करेंगे।" DGP की ओर से संकेत दिया गया है कि पहले ED के पत्र की जांच की जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

सरकार कानूनी राय लेने पर कर सकती है विचार

ED का पत्र राज्य सरकार को भी भेजे जाने की संभावना है। इसके बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करने से पहले कानूनी राय लेने पर विचार कर सकती है। मामला इसलिए भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील है क्योंकि किसी FIR का पंजीकरण पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की दिशा में बड़ा कदम होगा।

FIR दर्ज हुई तो UDF सरकार के सामने भी राजनीतिक चुनौती

ED की मांग अब UDF सरकार के सामने भी एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील फैसला खड़ा कर सकती है।

अगर सरकार पिनाराई विजयन के खिलाफ FIR दर्ज करने की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इससे उनके और उनके परिवार से जुड़ा विवाद और तेज हो सकता है। वहीं, अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो BJP उस पर पूर्व मुख्यमंत्री को राजनीतिक संरक्षण देने के आरोप लगा सकती है।

चुनावी हार पर मंथन से पहले CPI-M पर बढ़ा दबाव

CPI-M फिलहाल विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद आत्ममंथन के दौर में प्रवेश कर रही है। कोझिकोड में होने वाली विस्तारित राज्य समिति की बैठक में चुनावी हार के कारणों, संगठन की कमजोरियों और पार्टी नेतृत्व की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में ED का ताजा घटनाक्रम पार्टी की प्रस्तावित बैठक पर भी हावी हो सकता है। पार्टी नेतृत्व को विस्तारित राज्य समिति की बैठक शुरू होने से पहले ही एक नई राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

BJP नेता शोन जॉर्ज ने विजयन के इस्तीफे की मांग की

इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता रहे BJP के प्रदेश उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने ताजा घटनाक्रम के बाद पिनाराई विजयन के विपक्ष के नेता पद पर बने रहने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "समय की जरूरत है कि विजयन यह महसूस करें कि उनके पास विपक्ष के नेता के रूप में बने रहने का कोई नैतिक आधार नहीं है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। यह पद CPI-M के दिग्गज नेताओं के पास रहा है। उनके पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।"

विजयन के साथ बेटी और दामाद भी आरोपों के घेरे में

ED की मांग में पिनाराई विजयन के अलावा उनकी बेटी टी. वीणा और रियास का नाम भी शामिल है। रियास पिछली सरकार में मंत्री थे और अब विधायक हैं। इस वजह से मामला केवल पूर्व मुख्यमंत्री तक सीमित नहीं रह गया है। राज्य पुलिस या सरकार ED की मांग पर जो भी फैसला लेती है, उसका असर कानूनी प्रक्रिया से आगे जाकर राज्य की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

CPI-M के लिए बढ़ी राजनीतिक मुश्किल

CPI-M जहां अपने चुनावी पतन के कारणों पर चर्चा की तैयारी कर रही है, वहीं पार्टी के सबसे प्रमुख नेताओं में शामिल पिनाराई विजयन से जुड़ा विवाद एक बार फिर केंद्र में आ गया है। ED की ओर से औपचारिक आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग ने पार्टी के सामने चुनावी हार के बाद एक और चुनौती खड़ी कर दी है। अब राज्य पुलिस और सरकार की ओर से ED के पत्र पर होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।

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