
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (फोटो- एएनआई)
Putin India Visit 2026: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले क्रेमलिन ने करेंसी और व्यापार को लेकर बड़ा बयान दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अगर कुछ देश रूस को अपनी मुद्रा का इस्तेमाल नहीं करने देते हैं तो रूस अपनी मुद्रा का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ देश अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को राजनीतिक दबाव के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुतिन 12 सितंबर से नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आ रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक भी होगी। दोनों नेताओं की बैठक में व्यापार और आर्थिक सहयोग समेत भारत-रूस संबंधों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। पेस्कोव ने कहा कि मोदी और पुतिन के बीच व्यक्तिगत संबंध काफी अच्छे हैं। दोनों नेता संवेदनशील मुद्दों पर भी खुले और रचनात्मक तरीके से बातचीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुतिन का भारत दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग के नए रास्ते खोल सकता है।
रूस के करेंसी से जुड़े रुख पर पेस्कोव ने कहा कि BRICS के भीतर वित्तीय सहयोग बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि रूस और BRICS देशों के बीच बड़ी संख्या में लेनदेन राष्ट्रीय मुद्राओं में हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस का मकसद सिर्फ डॉलर से छुटकारा पाना नहीं है। रूस भुगतान के हर स्वीकार्य तरीके के लिए तैयार है। हालांकि, कुछ देश अपनी राष्ट्रीय मुद्राओं को राजनीतिक दबाव के हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। पेस्कोव ने कहा कि अगर दूसरे देश रूस को अपनी मुद्रा का इस्तेमाल नहीं करने देते हैं तो रूस अपनी मुद्रा का इस्तेमाल करेगा।
पेस्कोव ने बताया कि भारत और रूस के बीच नए परमाणु ऊर्जा संयंत्र लगाने को लेकर बातचीत की उम्मीद है। इसके अलावा भारत को रूस के Su-57 लड़ाकू विमान बेचने का मुद्दा भी चर्चा में रह सकता है। व्यापार और आर्थिक सहयोग दोनों देशों की बैठक के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेंगे। इसके साथ ही वित्तीय क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है।
क्रेमलिन ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत की कोशिशों का भी स्वागत किया है। रूस ने कहा कि वह इस दिशा में भारत के योगदान को सकारात्मक रूप से देखता है। भारत लगातार रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष खत्म करने की बात करता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच हाल की मुलाकातों में भी शांति और युद्ध खत्म करने के मुद्दे पर चर्चा हुई है।
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में व्यापार, वित्त, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी। पुतिन की यात्रा को भारत-रूस संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और वित्तीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर इस दौरान बातचीत होने की उम्मीद है।
Updated on:
08 Sept 2026 07:11 pm
Published on:
08 Sept 2026 03:47 pm
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