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आवाज सुनते ही फूट-फूटकर रोने लगी मां; 14 साल बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा हुआ प्रसन्नजीत

14 साल बाद मां ने फोन पर बेटे की आवाज तो फफक-फफकर रोने लगी। बहन के आंखों से आंसू झरने की तरह बहने लगे… नीचे पढ़ें पूरी खबर।

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भारत

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Saurabh Mall

Feb 07, 2026

Prasenjit Released From Pakistan Jail

पाकिस्तान की जेल से रिहा हुआ प्रसन्नजीत रंगारी। (इमेज सोर्स: ANI)

Prasenjit Released From Pakistan Jail: पाकिस्तान जेल से 31 जनवरी को रिहा होकर खैरलांजी का प्रसन्नजीत रंगारी (38) शुक्रवार शाम 7.30 बजे बालाघाट पहुंचा। जेल से रिहा होने के बाद प्रसन्नजीत ने अमृतसर से मां से बात की थी। उसने फोन पर कहा, “मैं ठीक हूं मां, घर आ रहा हूं।”

आवाज सुनते ही भर आईं मां की आंखें

14 साल बाद बेटे की आवाज सुनते ही मां लक्ष्मी बाई की आंखें भर आईं। शाम को प्रसन्नजीत बालाघाट पहुंचा तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने स्वागत किया। वह यहां से बहन संघमित्रा के घर महकेपार गांव पहुंचा। उसे देखते ही बहन रो पड़ी। उसे सीने से लगा लिया। वह अभी बहन के यहां ही रहेगा। दो दिन बाद खैरलांजी में मां के पास जाएगा।

बहन लगातार ढूंढ़ रही थी, 2021 में चला पता

बी-फार्मेसी की पढ़ाई के बाद प्रसन्नजीत का मानसिक संतुलन बिगड़ गया था। वह भटकते हुए सीमा पार चला गया। बहन संघमित्रा खोबरागढ़े लगातार उसे ढूंढ़ रही थी। जम्मू-कश्मीर के कठुआ का कुलदीप पाकिस्तान जेल से रिहा हुआ तो उसने प्रसन्नजीत के लाहौर जेल में होने की जानकारी दी। 2021 में यह पता चलने के बाद संघमित्रा भाई को वापस लाने के प्रयास करती रही। आखिरकार उसकी मेहनत रंग लाई।

पढ़ाई में बहुत तेज था प्रसन्नजीत

प्रसन्नजीत बचपन से ही पढ़ाई में बहुत तेज था। उसके पिता लोपचंद ने कर्ज लेकर उसे जबलपुर के ‘गुरु रामदास खालसा इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ में बी-फार्मेसी की पढ़ाई के लिए भेजा। उसने 2011 में यह कोर्स पूरा किया और एमपी स्टेट फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन भी करा लिया। आगे की पढ़ाई करने की इच्छा पर परिवार ने उसे दोबारा पढ़ने भेजा, लेकिन मानसिक स्थिति ठीक न रहने के कारण वह पढ़ाई छोड़कर वापस घर आ गया। इसके बाद वह अचानक घर से गायब हो गया। करीब 8 महीने बाद वह बिहार से लौटा और बहन संघमित्रा के साथ रहने लगा। लेकिन कुछ समय बाद वह फिर से घर छोड़कर चला गया और जब अगली बार उसकी खबर मिली, तो पता चला कि वह पाकिस्तान की जेल में बंद है।