
केतन अग्रवाल, सिया गोयल और चेतन चौधरी (Photo: IANS)
Ketan Agarwal Murder Case: केतन अग्रवाल की हत्या का मामला एक सामान्य तयशुदा शादी के रूप में शुरू हुआ था, वह अब पुणे के इतिहास की सबसे सनसनीखेज और भयावह हत्या की जांच में बदल चुका है। रियल एस्टेट कारोबारी के बेटे केतन की हत्या के मामले में पुलिस ने जो खुलासे किए हैं, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड मामले में यह बात सामने आई है कि मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी के रिश्ते को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। जांच के दौरान परिवारों के बयानों और पुलिस पूछताछ में अलग-अलग बातें सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि चेतन पहले सिया के भाई साहिल के दोस्त के रूप में जुड़ा था। इसी के माध्यम से चेतन सिया के संपर्क में आया था। मृतक केतन अग्रवाल के परिवार का आरोप है कि सिया के परिवार को इस अफेयर के बारे में जानकारी थी।
मुख्य आरोपी सिया गोयल ने पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह केतन से शादी नहीं करना चाहती थी। उसका मानना था कि यदि केतन की हत्या कर दी जाए, तो उसे दूसरी शादी के बारे में सोचने के लिए समाज और परिवार से कम से कम तीन साल का समय मिल जाएगा। वहीं, पुलिस को संदेह है कि सिया का प्रेमी और सह-आरोपी चेतन चौधरी भी सिया से शादी करने से पहले अपने करियर या अन्य वजहों से दो से तीन साल का और वक्त चाहता था। समाज में सगाई टूटने की बदनामी का सामना करने के बजाय, दोनों ने बेहद खौफनाक रास्ता चुना और केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
जांच में यह साफ हो गया है कि सह-आरोपी चेतन चौधरी, सिया के परिवार के लिए अजनबी नहीं था। मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला चेतन, क्रिकेट के जरिए सिया के बड़े भाई साहिल गोयल का दोस्त बना था। सिया की पहली मुलाकात चेतन से तब हुई थी जब वह अपने भाई के साथ मैच देखने गई थी।
पुलिस के अनुसार, दोनों का रिश्ता सिया की सगाई से पहले का है। इस साल जनवरी में सिया और चेतन अपने दोस्तों के साथ राजस्थान के उदयपुर गए थे, जहां उन्होंने पांच दिन बिताए। इस यात्रा के ठीक कुछ हफ्ते बाद फरवरी में सिया की सगाई केतन अग्रवाल से तय हुई थी।
लोनावला पुलिस को आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से बेहद चौंकाने वाले सबूत मिले हैं। जनवरी से लेकर अब तक सिया और चेतन के बीच कुल 2,004 फोन कॉल हुए, जिसमें दोनों ने लगभग 238 घंटे बात की। पुलिस का मानना है कि बातचीत का यह रिकॉर्ड इस बात का पुख्ता सबूत है कि दोनों के बीच गहरी साजिश चल रही थी। हत्या से ठीक एक दिन पहले, 17 जून को पुणे के लुल्लानगर इलाके के एक कैफे में शाम 4:30 से 5:30 बजे के बीच दोनों की मुलाकात भी हुई थी, जहां अंतिम प्लान तैयार किया गया था।
अपराध को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन से व्हाट्सएप चैट्स, इंस्टाग्राम मैसेजेस और कॉल लॉग्स को पूरी तरह मिटा दिया था। आरोपियों ने फोन के रिसाइकल बिन को भी खाली कर दिया था ताकि कोई डिजिटल सबूत न बचे। फिलहाल, पुणे पुलिस की साइबर टीम और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के विशेषज्ञ डिलीट किए गए डेटा को रिकवर करने में जुटे हैं।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए लोनावला पुलिस ने शुक्रवार को सिया के भाई साहिल गोयल को थाने बुलाकर करीब 10 घंटे तक कड़ी पूछताछ की। साहिल से चेतन चौधरी के साथ उसकी दोस्ती और इस साजिश में परिवार की अनभिज्ञता को लेकर सवाल किए गए। डीवाईएसपी गजानन तोम्पे के अनुसार, मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत सिया के माता-पिता और अन्य रिश्तेदारों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि इस सुनियोजित हत्याकांड की हर एक कड़ी को कोर्ट के सामने साबित किया जा सके।
Published on:
27 Jun 2026 05:34 pm
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